आपदाग्रस्त चेन्नई में दिखा मानवता का अच्छा और बुरा रूप

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चेन्नई में आई बाढ़ ने जहां लोगों को परेशानी में डाल दिया, वहीं इस समय लोगों और संस्थाओं का अच्छा और बुरा रूप भी दिखाई दिया।

सकारात्मक रुख दिखाते हुए कई लोगों ने बाढ़ में फंसे अनजान लोगों के लिए अपने घर के दरवाजे खोल दिए और उन्हें खाना और आश्रय दिया।

आधिकारिक एजेंसियों का इंतजार किए बगैर लोगों ने जिस प्रकार संभव हुआ, वैसे पीड़ितों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

लोगों ने इंटरनेट की सुविधा का प्रयोग करते हुए फेसबुक और ट़्वीटर जैसी सोशल मीडिया साइट्स की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों की जानकारी दी, ताकि उन तक मदद पहुंच सके।

लेकिन आपदा की इस घड़ी में जहां लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया तो वहीं कुछ ऐसे भी दिखे जिन्होंने मौके का भरपूर फायदा उठाया।

बेइमान व्यापारियों ने दूध, अंडों और सब्जियों जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ा दिए, लेकिन कुछ व्यापारी ईमानदारी से व्यापार करने पर कायम रहे।

दक्षिणी चेन्नई के मायलापोर में स्थित एक प्रोविजन स्टोर अंगलपरमेश्वरी स्टोर के मालिक मुथु ने कहा, “हम दूध और अन्य जरूरी चीजें सामान्य कीमतों पर बेचते हैं। हमने मौके का फायदा उठाने के लिए कीमतों में इजाफा नहीं किया, बल्कि मैंने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाना दान किया जिसके लिए मैंने 60,000 रुपये खर्च किए।”

स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य लोगों ने पानी में डूबे क्षेत्रों में खाना और बिस्किट के पैकेट वितरित किए।

स्थिति के दूसरे पहलू में मुनाफे के लिए जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ाने वाले व्यापारियों के साथ ही ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों ने थोड़ी सी दूरी के लिए भी लोगों से ऊंची कीमत वसूल कर मौके का फायदा उठाया।

एक निजी क्षेत्र के कर्मचारी टीईएन सिम्हन ने आईएएनएस को बताया, “ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को क्यों दोष दें? निजी विमान सेवाओं ने भी बेंगलुरू से दिल्ली आने वाले यात्रियों से ऊंचा किराया वसूल कर उन्हें लूटा।”

सिम्हन ने कहा, “क्या यह विडंबना नहीं है कि एक तरफ आम लोगों ने बाढ़ प्रभावितों की मदद की, वहीं दूसरी तरफ विमानन सेवाओं ने लोगों की परेशानी का लाभ उठाया।”

भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सुरिंदर सिंह ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने बेंगलुरू से दिल्ली तक की उड़ान के लिए एक निजी विमान सेवा को 25,600 रुपये का भुगतान किया।

खबरों के मुताबिक चोर लुटेरे चेन्नई के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बंद घरों के ताले तोड़ कर लूटपाट मचा रहे हैं।

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