आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे सीएम चन्द्रबाबू नायडू

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आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तेगलु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केन्द्र से राज्य को विशेष दर्जा देने और 2014 में इसके विभाजन से पहले किए सभी वादों को पूरा करने की मांग को लेकर सोमवार(11 फरवरी) को एक दिन का भूख हड़ताल कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दिल्ली के आंघ्र भवन में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

चंद्रबाबू नायडू

भूख हड़ताल शुरू करने से पहले चंद्रबाबू नायडू राजघाट पहुंचे और राष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अपर्ति की। टीडीपी अध्यक्ष का ये एक दिवसीय भूख हड़ताल सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक आंध्र भवन में जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान तमाम विपक्षी नेता उनके प्रति एकजुटता दिखाने के लिए आंध्र भवन पहुंच सकते हैं। जानकारी के मुताबिक तेदेपा (TDP) का एक प्रतिनिधिमंडल नायडू के नेतृत्व में मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को एक ज्ञापन सौंपेगा।

भूख हड़ताल पर बैठे नायडू ने कहा, ‘आज हम यहां केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने आए हैं। धरने से एक दिन पहले कल प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के गुंटुर का दौरा किया। मैं पूछ रहा हूं कि इसकी क्या जरूरत है।’

देखिए लाइव अपडेट

  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के धरने में शामिल हुए पू्र्व पीएम मनमोहन सिंह
  • इस अनशन को समर्थन करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और एनसीपी नेता माजीद मेनन पहुंचे हैं।
  • भूख हड़ताल पर बैठे चंद्रबाबू नायडू का समर्थन करने के लिए राहुल गांधी भी वहां पहुच चुके है। राहुल ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मैं आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा हूं। वह किस तरह का पीएम है? उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए की गई प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया। मोदी, जहां भी जाते हैं झूठ बोलते हैं। उसे कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।’
  • चंद्रबाबू नायडू के अनशन स्थल पर पहुंचे राहुल गांधी और फारूक अब्दुल्ला, कई विपक्षी नेताओं का मिला साथ

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू आंध्र को विशेष दर्जा दिलाने और राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत केंद्र के वादों को पूरा करने की मांग करते रहे हैं। चंद्रबाबू नायडू का आरोप है कि बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय किया गया और केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को उसका हक नहीं दिया। इसी मुद्दे को लेकर पिछले साल चंद्रबाबू नायडू एनडीए से बाहर हो गए थे और केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।

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