वीडियोकॉन मामला: 3250 करोड़ के अनियमितता मामले में जांच पूरी होने तक चंदा कोचर की ‘छुट्टी’, संदीप बख्शी ICICI बैंक के COO नियुक्त

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वीडियोकान को दिए लोन में कथित अनियमतता के आरोपों को लेकर आईसीआईसीआई बैंक ने सोमवार (18 जून) को बड़ा फैसला लिया। बैंक के बोर्ड ने संदीप बख्शी को मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त किया। फिलहाल आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के एमडी तथा सीईओ के पद पर कार्यरत बख्शी 19 जून से बैंक के सीओओ पद का कार्यभार संभालेंगे। वहीं मामले की जांच पूरी होने तक आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर ने छुट्टी पर जाने का फैसला किया।

File Photo: Google

हालांकि कोचर सीईओ और प्रबंध निदेशक पद पर बनी रहेंगी, उनका कार्यकाल मार्च 2019 तक है। अभी आईसीआईसीआई प्रुसेंडिशयल लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ संदीप बख्शी को बैंक का सीओओ यानी मुख्य परिचालन अधिकारी बनाया गया है। बख्शी मंगलवार से कामकाज संभालेंगे। गौरतलब है कि वीडियोकान समूह को कर्ज देने के मामले में कोचर हितों के टकराव को लेकर संदेह के घेरे में हैं।

वीडियोकान के समूह वेणुगोपाल धूत हैं, जिनके कारोबारी संबंध चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के साथ रहे हैं। ये आरोप पहले बार वर्ष 2016 में सामने आए, लेकिन बैंक के बोर्ड ने तब उन्हें क्लीनचिट दे दी थी। हालांकि बाद में मामला गंभीर होने पर बैंक ने आंतरिक जांच कराने का निर्णय किया है।

क्या है मामला?

प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई की सीईओ और एमडी चंदा कोचर पर कथित तौर पर वित्तीय लेन-देन में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद या हितों के टकराव का सनसनीखेज आरोप लगा है। आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक ने उस वीडियोकॉन कंपनी को 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया, जिसके मालिक वेणुगोपाल धूत के साथ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर के कारोबारी रिश्ते हैं। आरोप है कि वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ का लोन दिलाने में कथित तौर पर चंदा कोचर ने मदद की थी।

सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इस कर्ज में किसी तरह का लेनदेन तो नहीं हुआ है। एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि वे इस लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन कर रहे हैं। यदि किसी तरह की गड़बड़ी के प्रमाण मिलते हैं तो आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और अन्य लोगों को विस्तृत पूछताछ के लिए समन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 3,250 करोड़ रुपये के ऋण आवेदन की जांच करने वाले नोडल अधिकारियों से पूछताछ की है।

आरोप है कि इस मामले में वीडियोकान समूह और कोचर परिवार ने एक दूसरे को लाभ पहुंचाया। आरोपों के मुताबिक, कर्ज को मंजूरी के बदले वीडियोकान ने नुपॉवर रिन्यूवेबल्स में निवेश किया। इस कंपनी के मालिक चंदा कोचर के पति दीपक कोचर हैं। आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकान समूह की कई कंपनियों को करीब तीन हजार करोड़ रुपये का ऋण मिला। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा इस मामले की जांच करेंगे। कई सरकारी एजेंसी भी इस मामले की जांच में जुटी हैं।

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