जस्टिस एए कुरैशी को चीफ जस्टिस बनाना चाहता था सुप्रीम कोर्ट का कोलिजियम, केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति रवि शंकर झा को बनाया

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने न्यायमूर्ति एए कुरैशी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने के उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश की अनदेखी की है। इसके बजाय, उस पद के लिए न्यायमूर्ति रवि शंकर झा को नियुक्त करने का फैसला किया है।

एए कुरैशी

वर्तमान चीफ जस्टिस एसके सेठ के 9 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद एसीजे जस्टिस झा 10 जून से कार्यभार संभालेंगे। नए पूर्णकालिक चीफ जस्टिस की नियुक्ति होने तक वे इस पद पर रहेंगे। बता दें कि, मध्य प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार है और वहां के मुख्यमंत्री कमलनाथ है।

उल्लेखनीय है कि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वरिष्ठ न्यायमूर्ति एए कुरैशी के नाम की सिफारिश की थी क्योंकि वह गुजरात हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश थे और वर्तमान में वह बॉम्बे हाई कोर्ट में कार्यरत हैं। लेकिन अभी तक इस अनुशंसा को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली है। बता दें कि, पिछले साल नवंबर में जस्टिस कुरैशी के बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर होने से गुजरात हाईकोर्ट में हंगामा हो गया था। बार के सदस्यों ने कुरैशी के ट्रांसफर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट मुताबिक, केंद्र ने शुक्रवार को सूचित किया कि “भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति की तरफ से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज रवि शंकर झा को चीफ जस्टिस के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया।

जस्टिस आरएस झा का जन्म 24 अक्टूबर 1961 को हुआ। वकालत की पढ़ाई के बाद 20 सितंबर 1986 से उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में वकालत आरंभ की। सिविल, राजस्व व संवैधानिक मामलों में उन्हें महारत है। वे 2 फरवरी 2007 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे।

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