जानिए, क्यों चुनौतियों से भरा है सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना?

0

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद कुछ घटनाओं पर नजर डालें तो एक बात साफ तौर पर सामने आई है कि वर्तमान परिस्थिति में सरकार की किसी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना चुनौतियों से भरा है। पिछले एक-दो सालों के दौरान कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जिसमें सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया या सड़क पर उतरकर जिसने भी उसकी कमियों या नीतियों का विरोध किया उसे सरकारी एजेंसियों द्वारा नोटिस भेजकर उसकी आवाज को दबाने की नाकाम कोशिश की गई।इन तमाम घटनाओं से आहत पिछले दिनों सितंबर महीने में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने मोदी सरकार की आलोचना करने वालों को मदद करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकी मिलती है या किसी एजेंसी द्वारा नोटिस मिलता है तो वे ऐसे लोगों की मदद करेंगे।

पेश है कुछ उदाहरण:-

BJP को उखाड़ फेंकने के आह्वान के एक दिन बाद AAP को 30.67 करोड़ का टैक्स नोटिस

ताजा मामला सोमवार (27 नवंबर) का है। आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी (AAP) को 30.67 करोड़ रुपये का कर नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि ‘आप’ ने 13.16 करोड़ रुपये के मूल्य की आय की खुलासा नहीं किया है। उसकी कुल कर योग्य आय 68.44 करोड़ रुपये आंकी गई है। बता दें कि आयकर विभाग का यह नोटिस दिल्ली के रामलीला मैदान में AAP द्वारा 5वीं वर्षगांठ मनाने के एक दिन बाद भेजा गया। इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राफेल डील सहित अन्य कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था।केजरीवालकथित तौर पर तमिलनाडु में BJP की जमीन तैयार करने के लिए जया टीवी पर IT का छापा

इसी महीने 6 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी द्रमुक के अध्यक्ष एम करुणानिधि से मुलाकात की थी। जिसके बाद 9 नवंबर को आयकर विभाग ने तमिल टीवी चैनल जया टीवी के चेन्नई स्थित परिसरों तथा अन्नाद्रमुक के अपदस्थ नेता टीटीवी दिनाकरण के पुडुचेरी स्थित फार्म हाउस पर कर चोरी के संदेह में छापेमारी की। अधिकारियों ने दिनाकरण और जेल में बंद उनकी मौसी वी के शशिकला से जुड़े कुछ लोगों के परिसरों पर भी छापा मारा था। जया टीवी को अन्नाद्रमुक का मुखपत्र भी समझा जाता रहा है। जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु में अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश में जुटी बीजेपी, सरकार द्वारा एजेंसियों के जरिए अन्य पार्टियों को दबाने की कोशिश कर रही है।BJP नेता के फिल्म ‘मर्सल’ को ऑनलाइन देखने के बयान की आलोचना करने के बाद एक्टर विशाल के दफ्तर पर इंटेलिजेंस के छापे

अभी पिछले महीने ही 24 अक्टूबर को फिल्म ‘मर्सल’ को लेकर उठे विवाद के बीच तमिल एक्टर विशाल के प्रोडक्शन हाउस के दफ्तर पर जीएसटी इंटेलिजेंस एजेंसी की टीम ने छापा मारा था। छापे से यह जानने की कोशिश की गई थी कि प्रोडक्शन हाउस ने जीएसटी के भुगतान में कोई गड़बड़ी तो नहीं की है। बता दें कि छापेमारी के एक दिन पहले ही विशाल ने बीजेपी नेता एच राजा के फिल्म ‘मर्सल’ को ऑनलाइन देखने के बयान के बाद तीखी आलोचना की थी। अभिनेता विशाल ने बीेजपी नेतापर आरोप लगाया था कि उन्होंने फिल्म ‘मर्सल’ ऑनलाइन देखकर पायरेसी की पैरोकारी की।अहमद पटेल को हराने के लिए गुजरात कांग्रेसी विधायकों के रिसॉर्ट पर IT की छापेमारी

गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले आयकर विभाग ने 2 जुलाई को कर चोरी के आरोप में कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के 64 ठिकानों पर छापेमारी की थी। आपको बता दें कि ऊर्जा मंत्री शिवकुमार की मेजबानी में ही बेंगलुरु के निकट स्थित एक रिजॉर्ट में गुजरात के 44 कांग्रेसी विधायक ठहरे हुए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि एक राज्यसभा सदस्य (अहमद पटेल) को जीतने से रोकने के लिए केंद्र सरकार गुजरात के कांग्रेस विधायकों को डराने, धमकाने का प्रयास कर रही है। हालांकि बीजेपी और सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अहमद पटेल जीतने में कामयाब हो गए।BMC पर तंज भरा गाना गाने वाली RJ मलिष्का को नोटिस

इसी साल जुलाई महीने में मुंबई के सड़को और गड्ढों पर गाना बनाने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने एक रेडियो चैनल की आरजे मलिष्का मेंडोंसा की मां को नोटिस जारी कर दिया था। आरजे मलिष्का मेंडोंसा की मां लिली मेंडोंसा को जारी किए गए नोटिस के मुताबिक उनके घर में रखे एक मिट्टी के गमले में लगे पौधे में मच्छरों का लार्वा मिला था। दरअसल नोटिस के कुछ दिनों पहले आरजे मलिष्का ने अपनी टीम के साथ मुंबई के गड्ढों को लेकर BMC पर एक गाना गाया था जो काफी वायरल हुआ था। इस वजह से बीएमसी की बहुत बदनामी हुई थी। शिवसेना ने मलिष्का के इस वीडियो का विरोध भी किया था।आरजे मलिष्काDDCA में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाने के कुछ दिन बाद केजरीवाल के कार्यालय पर छापा

इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा वित्त मंत्री अरुण जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाने के कुछ दिन बाद ही पिछले साल 15 दिसंबर 2016 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय (दिल्ली सचिवालय) पर सीबीआई ने छापेमारी की थी। सीबीआई पर हमला करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि राजनीति से प्रेरित कार्रवाई पीएम मोदी के इशारे पर की गई ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय को बदनाम किया जा सके। बाद में कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि मारे गए छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों को आम आदमी पार्टी सरकार को लौटाया जाए। इसके बाद सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।delhiकॉमेडियन कपिल शर्मा को ‘अच्छे दिन’ पर सवाल उठाना पड़ा भारी

पिछले साल सितंबर महीने में मशहूर कॉमेडियन और सिलेब्रिटी कपिल शर्मा द्वारा बृहन्‍नमुंबई म्‍युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाने के बाद हंगामा मच गया था। शिवसेना और MNS की तरफ से कपिल को चेतावनी भी दी गई थी। महाराष्‍ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि कपिल शर्मा पर गुंडा ऐक्‍ट लगाया जाए। कपिल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट में लिखा था, ‘मैं पिछले 5 सालों में 15 करोड़ इनकम टैक्स भर चुका हूं, इसके बावजूद मुंबई में अपना ऑफिस बनाने के लिए मुझे बीएमसी ऑफिस को 5 लाख रुपये घूस देना पड़ रहा है। ये हैं आपके अच्छे दिन?’कपिल शर्माFILE PHOTO

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here