CBSE पेपर लीक मामला: राहुल गांधी ने RSS और BJP पर लगाया शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद करने का आरोप

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं क्लास का गणित और 12वीं का अर्थशास्त्र परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद लाखों छात्रों में बेहद नाराजगी है। 12 वीं कक्षा के अर्थशास्त्र एवं 10 वीं कक्षा के गणित पेपर की दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद लोगों ने ट्विटर के जरिये अपनी झल्लाहट और गुस्से का इजहार किया। साथ ही विपक्षी पार्टियां भी भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और मोदी सरकार पर सीधे तौर पर हमलावर है।

राहुल गांधी
फाइल फोटो: PTI

बता दें कि, आज सुबह ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि हमारा ‘चौकीदार वीक’ है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब एक और ट्वीट करते हुए केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त हमला बोला है। इस बार उन्होंने RSS और BJP पर शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘परीक्षा में पेपर लीक होने से लाखों छात्रों के भविष्य पर पानी फिर गया है, कांग्रेस ने हमेशा शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षित रखा है। ये तब हो रहा है जब बीजेपी-आरएसएस जैसे संगठन संस्थाओं को नष्ट करने में लगे है। मेरा विश्वास कीजिए ये तो अभी शुरुआत है।’

बता दें कि, इससे पहले राहुल गांधी ने गुरुवार(29 मार्च) की सुबह ट्वीट कर लिखा था कि, ‘कितने लीक? डेटा लीक! आधार लीक! SSC Exam लीक! Election Date लीक! CBSE पेपर्स लीक! हर चीज में लीक है, चौकीदार वीक है।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके साथ ही ‘बस एक साल और’ हैशटैग का इस्तेमाल किया है।

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीबीएसई परीक्षा प्रश्नपत्रों के कथित रूप से लीक होने के मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें उन छात्रों के लिए ‘अफसोस और दुख’ है जो पुन: परीक्षा में बैठेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि, इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर निशाना साधते कहा कि इसका नाम बदलकर ‘पेपर लीक सरकार’ कर देना चाहिए। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सवाल किया कि क्या भारत में कोई परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया ‘घोटाले से मुक्त’ है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘#व्यापमं, एम्स, #एसएससी और अब #सीबीएसई परीक्षा व्हाट्सएप्प के जरिये लीक हो रहा है। भारत में क्या कोई परीक्षा या चयन सुरक्षित और घोटाला रहित रह गया है? हमारे प्रधानमंत्री के एप्प के हमारी निजी जानकारी अमेरिकी कंपनी से साझा किए जाने के बावजूद सरकार हमसे कह रही है कि आधार डेटा मजबूत वॉल के जरिए सुरक्षित हैं! अतुलनीय!’

वहीं, दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘मेरे बेटे ओजस्वी ने आज आयोजित सीबीएसई की कक्षा दस के गणित के पेपर के लिए वास्तव में काफी पढ़ाई की थी। परीक्षा खत्म होने की उसकी खुशी ज्यादा देर नहीं ठहर सकी। गणित का पर्चा लीक होने से वह काफी निराश है और यह #लीकिंग सरकार फिर से परीक्षा कराएगी। मुझे उसके और लाखों अन्य छात्रों के लिए बुरा लग रहा है।’

वहीं, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘फेल सिस्टम हुआ है सज़ा बच्चों को क्यों? दुबारा परीक्षा एक भद्दा मज़ाक, लीक करने वालों को पकड़ो, लीक करवाने का पैसा देने वालों को सज़ा दो, बच्चों को सजा मत दो।’

बता दें कि, विपक्षी पार्टियां के अलावा अन्य लोग भी सोशल मीडिया पर अपनी नराजगी जता रहे है। एक यूजर ने लिखा कि, ‘CBSE के पेपर खुलेआम व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में घूम रहे हैं, और साहेब सिर्फ मौन हैं…. अच्छे दिनों की सरकार में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों…?’

वहीं, एक यूजर से सीधा पीएम मोदी से सवाल पूछते हुए लिखा कि, ‘मोदीजी, 28 लाख 10 वीं के छात्रों को परेशान करके आपको क्या मिला? CBSE का गणित का पर्चा कैसे लीक हो गया? ये मासूम पूछ रहे हैं!’ ऐसे ही तमाम लोग CBSE का पेपर लीक होने पर सरकार पर निशाना साध रहें है और तरह-तरह के सवाल पूछ रहें है।

बता दें कि सीबीएसई बोर्ड की 10वीं क्लास के गणित और 12वीं क्लास के अर्थशास्त्र का पेपर लीक हुआ था। पेपर लीक होने के चलते सीबीएसई ने दोनों पेपर रद्द कर दिए। बोर्ड ने फैसला किया है कि इन विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराई जाएंगी। नई तारीख एक हफ्ते में सीबीएसई की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर नाराजगी जाहिर की है। वहीं, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने पेपर लीक मामले में दुख जताते हुए कहा कि सरकार आंतरिक जांच करा रही है।

जावडेकर ने कहा कि पीएम मोदी ने इस मामले में उनसे टेलीफोन पर बात की है और पेपर लीक न हो इसके लिए सख्त कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से व्हाटस्एप पर लीक हुए हैं। इस संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत की गई है और इसके लिए एक विशेष दल का गठन किया गया है।

उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रश्नपत्र के वितरण के समय सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने का भी निर्णय लिया गया है। सीबीएसई के मुताबिक, दसवीं में 16 लाख, 38 हजार, 428 और बारहवीं में 11 लाख, 86 हजार, 306 परीक्षार्थी इस बार परीक्षा दे रहे हैं।

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