CBI Vs CBI मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा, आलोक वर्मा को हटाने से पहले चयन समिति से क्यों नहीं ली गई सलाह?

0

सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा जबरन छुट्टी पर भेजे गए केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक कुमार वर्मा की याचिका पर गुरुवार को सुनावाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट

बता दें कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजने के सरकार के फैसले के खिलाफ उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 दिसंबर) को सुनवाई की। सीबीआई विवाद की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के तेवर सख्त नजर आए।

सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने पूछा कि दोनों अधिकारियों के बीच लड़ाई एक दिन में तो शुरू नहीं हुई होगी, फिर सरकार ने बिना चयन समिति से सलाह किए रातों रात आलोक वर्मा को उनके पद से क्यों हटा दिया? सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल के पूछा कि सरकार को निष्पक्ष होना चाहिए, आलोक वर्मा को हटाने से पहले चयन कमिटी से सुझाव लेने में क्या बुराई थी?

सीजेआई रंजन गोगोई ने पूछा कि सरकार क्यों 23 अक्टूबर को सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने को अचानक मजबूर हुई जबकि वे कुछ ही महीनों में रिटायर होने वाले थे तो ऐसे में सरकार ने कुछ महीने इंतजार कर और चयन समिति से बात क्यों नहीं की?

सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल पर सीवीसी के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, सीबीआई में जैसे हालात थे। उसमें सीवीसी मूकदर्शक बन कर नहीं बैठा रह सकता था, ऐसा करना अपने दायित्व को नज़रअंदाज़ करना होता। सीबीआई निदेशक शिकायतों की जांच से जुड़े ज़रूरी कागज़ात मुहैया नहीं करवा रहे थे। दोनों अधिकारी एक दूसरे के ऊपर छापा डाल रहे थे, सीवीसी का दखल देना ज़रूरी हो गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here