मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड: CBI ने दर्ज किया केस, राहुल गांधी ने ‘बेटी बचाओ’ अभियान के जरिए PM मोदी पर बोला तीखा हमला

0

बिहार के मुजफ्फरपुर के एक ‘बालिका गृह’ नाम के नारी निकेतन में मासूम बच्चियों के साथ यौन शोषण के आरोपों ने तूफान मचा दिया है। इस बीच मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में रविवार (29 जुलाई) को राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने बालिका गृह के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रह रहीं लड़कियों के मानसिक, शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न से संबंधित है। गौरतलब है कि विपक्ष के भारी दवाब के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे मामले में सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी।

राहुल गांधी
file photo- @INCIndia

मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 बच्चियों के यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज खुलासे के बाद घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। मामला सामने आने के बाद 30 मई को यहां से सभी बच्चियों को मोकामा, पटना और मधुबनी में शिफ्ट किया गया और 31 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि बालिका गृह में रह रही लड़कियों का लंबे समय से शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण किया जाता था। विपक्ष का कहना है कि जिन पर बच्चियों के साथ रेप के आरोप हैं उनको राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है।

बता दें कि मामला तब प्रकाश में आया जब इस साल के शुरू में मुम्बई स्थित एक संस्थान द्वारा किए गए बालिका गृह के सोशल ऑडिट के आधार पर बिहार सामाजिक कल्याण विभाग ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि बालिका गृह में कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है। शिकायतों की जांच के लिये एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।

मुजफ्फरपुर में बालिका गृह चलाने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को कालीसूची में डाल दिया गया है और लड़कियों को पटना एवं मधुबनी के बालिका गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस ने मामले में बालिका गृह की महिला कर्मचारियों और एनजीओ चलाने वाले ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार किया है।

राहुल गांधी का पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर निशाना

लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ट्वीट कर निशाना साधा है। उन्होंने अपनने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर पीएम मोदी की महत्वकांक्षा योजना ‘बेटी बचाओ’ वाले नारे को लेकर तंज दिया है।

राहुल ने अपने ट्वीट में एक अखबार के ईपेपर को शेयर करते हुए लिखा है, “‘आश्वासन बाबू’ और ‘सुशासन बाबू’ की कहानी l हमने सुना है, कि जिसको चुना है, उसने ‘बेटी बचाओ’ का सिर्फ़ नारा ही दिया हैl” कांग्रेस अध्यक्ष ने जो खबर शेयर किया है उसमें इस बात का जिक्र है कि संस्था में रह रहीं 42 लड़कियों में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है।

34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि

अभी तक की मेडिकल जांच में कम से कम 34 बच्चों के साथ रेप की पुष्टि हुई है। मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी हरप्रीत कौर ने शनिवार (28 जुलाई) को यह जानकारी दी कि वहां रह रही 42 में से 34 लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ था। पहले 29 के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई थी। पुलिस ने रिपोर्ट को कोर्ट में पेश कर दिया है। जांच में यह सच भी सामने आया है कि बच्चियों को नशीली दवा एवं इंजेक्शन देकर यौन शोषण किया जाता था।

इससे पहले बालिका गृह में रही 44 लड़कियों में से 42 की मेडिकल जांच कराई गई थी जिसमें से 29 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। सात साल की बच्ची तक को दरिंदों ने नहीं छोड़ा था। वह बच्ची बोल नहीं पा रही है। एक लड़की ने तो अपनी सहेली की हत्‍या कर शव को परिसर में ही दफना दिए जाने की भी बात कही है। 31 मई को एफआईआर दर्ज होने का बाद एनजीओ (जो आश्रय गृह को संचालित कर रहा था) के संचालक शहर के ही ताकतवर व्यक्ति ब्रजेश ठाकुर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

हालांकि बाल संरक्षण विभाग के दिलीप शर्मा को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक लड़की ने तो अपनी सहेली की हत्‍या कर शव को परिसर में ही दफना दिए जाने की भी बात कही है। 31 मई को एफआईआर दर्ज होने का बाद एनजीओ (जो आश्रय गृह को संचालित कर रहा था) के संचालक शहर के ही ताकतवर व्यक्ति ब्रजेश ठाकुर समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि बाल संरक्षण विभाग के दिलीप शर्मा को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

ऐसे हुआ खुलासा

दरअसल, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम ने बिहार के कई जिलों में चलाए जा रहे बालिका गृहों को लेकर इसी साल फरवरी महीने में ‘सोशल ऑडिट’ किया था। जिसके बाद यह रिपोर्ट बिहार के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई। 100 पन्नों की इस रिपोर्ट में राज्य भर के बालिका गृहों के हालात और वहां रह रहीं बच्चियों के साथ होने वाले व्यवहारों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि यह रिपोर्ट सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रह रहीं मासूम बच्चियों के साथ हुए बर्ताव की हो रही है।

15 मार्च को सौंपी गई यह रिपोर्ट दो महीने बाद 26 मई को जिलों की बाल संरक्षण इकाई को भेजी गई। इसी दिन मुजफ्फरपुर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक दिवेश शर्मा ने एक पत्र समाज कल्याण विभाग के निदेशक को भेजा। 28 मई को वहां से जवाब आया कि सेवा संकल्प और विकास समिति के बालिका गृह में रह रही बच्चियों को कहीं और शिफ्ट किया जाए और एफआईआर दर्ज की जाए।

कौन है ब्रजेश ठाकुर?

यह बालिका गृह ब्रजेश ठाकुर के घर में चल रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रजेश ठाकुर प्रातः कमल और न्यूज नेक्स्ट नाम से अखबार भी निकालते हैं। दोनों अखबारों का दफ्तर भी इसी बालिका गृह के कैंपस में है। बीबीसी हिंदी के मुताबिक ब्रजेश ठाकुर के पिता भी अखबार के धंधे में थे। उन पर अखबारों के लिए सब्सिडी के कागज बाजार में बेचने के आरोप थे और इसे लेकर उनके घर पर पहले भी सीबीआई की रेड पड़ चुकी है। ब्रजेश ठाकुर के घर में जो बालिका गृह चल रहा था उसे सरकार की आर्थिक मदद मिल रही थी। ब्रजेश ठाकुर के घर में यह बालिका गृह 31 अक्टूबर 2013 से चल रहा था।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here