उन्नाव कांड: कुलदीप सिंह सेंगर के बाद FIR में योगी सरकार के मंत्री के दामाद का नाम आने पर हंगामा, जानें कौन हैं वो

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और नौ अन्य लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। खास बात यह है कि इसमें उत्तर प्रदेश के एक अन्य मंत्री का रिश्तेदार भी शामिल है। यह कार्रवाई उस लड़की के सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद हुई है, जिसने विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। सीबीआई ने 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।

इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश शामिल हैं। एफआईआर में आरोपी विनोद मिश्रा, हरि पाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह और अधिवक्ता अवधेश सिंह के नाम शामिल हैं। ये सभी उन्नाव के रहने वाले हैं।

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, आरोपी अरुण सिंह उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी भैया का दामाद है। वह योगी आदित्यनाथ सरकार में कृषि, कृषि शिक्षा और अनुसंधान राज्य मंत्री हैं और फतेहपुर के हुसैनगंज से भाजपा विधायक हैं। कुलदीप सेंगर के करीबी अरुण सिंह उन्नाव के नवाबगंज से ब्लॉक प्रमुख हैं।लखनऊ में सीबीआई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम सिंह को जांच करने के लिए कहा गया है।

खुद को बताया निर्दोष

हालांकि, अरूण सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए बुधवार को समाचार एजेंसी पीटीआई/भाषा से कहा कि उसे इस मामले में फंसाया गया है और इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। अरूण सिंह इस समय अमरनाथ यात्रा पर है। उसने माना कि वह उप्र के कृषि, कृषि शिक्षा और अनुसंधान राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह) के दामाद हैं। सिंह ने खुद को बेगुनाह बताया। सिंह ने पीटीआई-भाषा को फोन पर कहा कि यह मुझे फंसाने की नीयत से किया गया है। मेरी लोकेशन ले ली जाए, मेरा नार्को टेस्ट करवा लिया जाए, मेरा पिछले छह माह का ट्रैक रिकॉर्ड लिया जाए। कहीं कोई कनेक्शन आता हो तो बताएं।

उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मेरा दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। मैं सीबीआई को पूरा सहयोग करूंगा। जो भी जांच एजेंसी होगी, मेरी जांच होनी चाहिए, मैं खुद इंसाफ मांग रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुझे साजिशन फंसाया जा रहा है, मैं अपराधी नही हूं, मेरे ऊपर एक भी पुराना आपराधिक मामला नहीं है। सिंह ने कहा कि मैंने प्रखंड प्रमुख के चुनाव में अवधेश सिंह को हराया था। वह मेरे खिलाफ राजनीतिक रंजिश रखते हैं।

सिंह ने आगे कहा कि उन्होंने महेश (पीड़िता के चाचा) और उसके परिवार को गुमराह करने का प्रयास किया है। मेरी सांत्वना पीड़ित बच्ची के साथ है। मैं नवाबगंज का ब्लाक प्रमुख हूं। मैंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, जिसकी वजह से लोग आठ-आठ महीने के लिए जेल गए इसलिए उनका प्रयास है कि अरूण सिंह फंसे। धुन्नी सिंह मेरे ससुर है 2009 में मेरी शादी हुई थी, क्या किसी का दामाद होना अपराध है मैं अपराधी हूं क्या?

मंत्री बोले- सीबीआई जांच से सामने आएगा सत्य

मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने बुधवार को माना कि उनके रिश्तेदार का नाम उन्नाव बलात्कार पीड़िता के साथ हुई सड़क दुर्घटना में शामिल है। उन्होंने कहा कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है और मैं समझता हूं कि उससे बड़ी कोई जांच नहीं है और वह जब जांच कर रही है तो खुद साफ हो जायेगा और सत्य सामने आ जाएगा।

क्या है मामला?

गौरतलब है कि भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की, उसकी चाची पुष्पा और मौसी शीला अपने वकील महेंद्र के साथ रायबरेली जेल में बंद अपने रिश्तेदार महेश सिंह से 28 जुलाई को मुलाकात करने जा रही थी। रास्ते में रायबरेली के गुरबख्श गंज क्षेत्र में उनकी कार और एक ट्रक के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में टक्कर हो गई थी। इस हादसे में शीला (50) ने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वहीं, हादसे में घायल कार सवार पुष्पा (45) को लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। इस दुर्घटना में दुष्कर्म पीड़िता का वकील भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

सीबीआई कर रही है मामले की जांच

केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर मंगलवार को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने दिल्ली में बताया, ‘‘मामले की त्वरित और सुचारू जांच के लिए सीबीआई ने एक टीम का गठन किया है।’’ टीम ने अपराध स्थल, मारूति स्विफ्ट कार को टक्कर मारने वाले ट्रक का निरीक्षण किया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे पुलिस अधिकारियों से भी सीबीआई की टीम ने बातचीत की। कुलदीप सेंगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही वह जेल में है। चौतरफ आलोचना के बाद भाजपा ने गुरुवार को उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकाल दिया।

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