CBI रिश्वत मामला: 9 फोन कॉल्स और व्हाट्सएप मैसेज के बाद स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर दर्ज हुआ केस

0
4
(Photo Source: Rakesh Asthana / Facebook)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के दूसरे क्रम के अधिकारी और विशेष निदेशक (स्पेशल डायरेक्टर) राकेश अस्थाना पर तीन करोड़ रुपये घूस लेने के आरोप लगने के बाद सनसनी फैल गई है। अस्थाना पर इस केस में एफआईआर भी दर्ज की गई है। अस्थाना को कथित घूस देने के आरोप में बिचौलिए मनोज प्रसाद की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई ने दावा किया है कि उसकी गिरफ्तारी किए जाने के बाद हुए नौ फोन कॉल्स किए गए।

(Photo Source: Rakesh Asthana / Facebook)

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई ने एफआईआर से पहले 9 फोन कॉल रिकॉर्ड किए थे। साथ ही जांच एजेंसी का दावा है कि बिचौलिए मनोज प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद हड़बड़ी में उसके भाई ने कई फोन किए। अधिकारी ने बताया कि व्यवसायी सतीश साना की तरफ से यह दावा किए जाने के बाद उसे लगातार समन से छूट और केस से क्लीन चिट देने के लिए दुबई के इन्वेस्टमेंट बैंकर के जरिए पांच करोड़ रूपये देने को कहा गया था।

इसके आधार पर जांच एजेंसी ने अस्थाना के खिलाफ केस दर्ज किया। आपको बता दें कि हैरानी की बात ये है कि सीबीआई के सेकेंड इन कमांड अस्थाना ने करीब दो महीने पहले कैबिनेट सचिव को यह बताया था कि साना ने केस से राहत पाने के लिए सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को 2 करोड़ रूपये घूस दी है। हालांकि, एजेंसी ने रविवार को यह दावा किया कि साना मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर यह बताया कि उसने दिसंबर 2017 से लेकर अक्टूबर 2018 के बीच एक बिचौलिए को पैसे दिए थे। जिसका उद्देश्य उसके अस्थाना से कनेक्शन के चलते राहत पाना था।

दावे के आधार पर एजेंसी ने दुबई से वापस घूस के इंस्टॉलमेट के पैसे लेकर आ रहे मनोज प्रसाद को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। आपको बता दें कि सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से रिश्वत लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीबीआई ने अपने मुख्यालय में तैनात इस दूसरे क्रम के सबसे बड़े अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।

अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए एजेंसी ने एक बिचौलिए से कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये रिश्वत लेने के लिए अपने विशेष निदेशक पर मुकदमा दर्ज किया। अस्थाना पर आरोप हैं कि मीट निर्यातक मोइन कुरैशी की संलिप्तता वाले एक मामले की जांच में एक कारोबारी को राहत देने के मकसद से यह रिश्वत ली गई। कारोबारी के खिलाफ जांच अस्थाना ही कर रहे थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here