PNB महाघोटाला: मुकेश अंबानी के चचेरे भाई विपुल अंबानी सहित पांच गिरफ्तार, वित्त मंत्री जेटली ने तोड़ी चुप्पी

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार (20 फरवरी) को 11,300 करोड रूपये के कथित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में पहली हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी की। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने नीरव मोदी फायरस्टार डायमंड के अध्यक्ष वित्ती विपुल अंबानी को गिरफ्तार किया। विपुल अंबानी भाईयों मुकेश और अनिल अंबानी के संबंधी हैं। उनसे रविवार से पूछताछ की जा रही थी। एजेंसी के साथ ‘सहयोग’ नहीं करने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया।विपुल रिलायंस ग्रुप के फाउंडर दिवंगत धीरूभाई अंबानी के छोटे भाई नाटूभाई अंबानी के बेटे हैं। वह 2014 से ही नीरव की कंपनी फायरस्टार में सीएफओ के पद पर हैं। चार अन्य भी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों के सीनियर ऑफिसर हैं। ये अफसर हैं तीन कंपनियों की ऑथराइज्ड सिग्नेटरी और इग्जेक्युटिव असिस्टेंट कविता मणिक्कर, फायरस्टार ग्रुप के सीनियर इग्जेक्युटिव अर्जुन पाटिल, गीतांजलि ग्रुप के मैनेजर नितेन शाही। नीरव के वकील ने कहा है कि इन गिरफ्तारियों से हम हैरान हैं।

11,300 करोड रूपये के कथित पीएनबी घोटाला मामले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चोकसी देश छोड कर जा चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में दर्ज अपनी दो प्राथमिकियों के सिलसिले में जांच एजेंसी ने चार अन्य वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया। अंबानी को कार्यपालक सहायक कविता मानकीकर तथा वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी अजरुन पाटिल के साथ, सीबीआई द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।

इस प्राथमिकी के तहत, 6,498 करोड रूपये मूल्य के 150 ‘‘लैटर्स ऑफ अंडरटेंकिंग’’ एलओयू की जांच की जा रही है।
एलओयू वह गारंटी होता है जो जारीकर्ता बैंक उन भारतीय बैंकों को आवेदक को अल्पकालिक रिण देने के लिए देता है जिनकी विदेशों में शाखाएं हैं। मानकीकर तीन कंपनियों- डायमंड आर यूएस, स्टेलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स में भी महत्वपूर्ण पदाधिकारी हैं। तीनों कंपनियां 31 जनवरी को जांच एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी में हीरा व्यापारी नीरव मोदी, उसकी पत्नी एमी, भाई निशाल और उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी के नाम बतौर आरोपी हैं। ये सभी लोग जनवरी के पहले सप्ताह में देश छोड कर जा चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि शेष दो व्यक्ति कपिल खंडेलवाल और नितेन शाही को जांच एजेंसी द्वारा दर्ज दूसरी प्राथमिकी के सिलसिले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया। दूसरी प्राथमिकी जांच एजेंसी ने 15 फरवरी को चोकसी तथा उसकी तीन कंपनियों के खिलाफ दर्ज की थी।

इस मामले में जांच 4,886 करोड रूपये के 143 एलओयू पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों द्वारा फर्जी तरीके से जारी किए जाने को लेकर की जा रही है। खंडेलवाल नक्षत्र समूह और गीतांजलि समूह के सीएफओ तथा शाही गीतांजलि समूह के मैनेजर हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक के एक कार्यकारी निदेशक तथा नौ अन्य अधिकारियों से 11,300 करोड रूपये मूल्य की गारंटी मोदी तथा चोकसी को जारी किए जाने के सिलसिले में पूछताछ की।

वित्त मंत्री जेटली ने तोड़ी चुप्पी

देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार (20 फरवरी) को पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए ऑडिटर्स, मैनेजमेंट और निगरानी एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखाधड़ी करने वाले धोखेबाजों को सरकार पकड़कर रहेगी। वित्त मंत्री दिल्ली में एसोसिएशन्स ऑफ डिवेलपिंग फाइनैंसिंग इंस्टिट्यूशन इन एशिया ऐंड पसिफ़िक (ADFIAP) के वार्षिक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

जेटली ने कहा कि घोटालेबाजों को सरकार हर हाल में पकड़कर रहेगी। एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि दोषियों को सजा दिलाकर सरकार नजीर पेश करेगी, क्योंकि इस तरह के घपलों की कीमत देश और करदाताओं को चुकानी पड़ती है।जेटली ने कहा कि बैंकों का प्रबंधन तंत्र दायित्वों को ठीक से नहीं निभा पाया और कसूरवार की पहचान करने में विफल रहा।

अरुण जेटली ने ऑडिटरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के बारे में कहा कि ऑडिटरों को अपने आप से पूछना चाहिए कि वे कर क्या रहे थे। ऑडिट पेशे का नियंत्रण करने वाले सीए को खुद के अंदर झांकना चाहिए। इस बीच आरबीआई ने कहा है कि ‘स्विफ्ट’ प्रणाली के संभावित दुरुपयोग को लेकर अगस्त 2016 से तीन बार आगाह किया गया था।

वित्त मंत्री ने कहा कि, ‘जब मैनेजमेंट्स को अधिकार दिया गया है तो आप से उम्मीद की जाती है कि आप अधिकारों का प्रयोग प्रभावी रूप से और सही तरीके से करेंगे। बैंकों का मैनेजमेंट अपनी जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतरा है, क्योंकि वे यह पता करने में विफल रहे हैं कि उनके बीच में वे कौन हैं जो गड़बड़ी करने वाले हैं।’

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