अयोध्या विवाद: रविशंकर की बढ़ी मुसीबतें, भड़काऊ बयान देने को लेकर केस दर्ज

0

‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घोर समर्थक रविशंकर एक बार फिर कानूनी मामले में घिर गए हैं। इस बार उनके खिलाफ कथित तौर परधार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद शहर की पुलिस ने उन पर मामला दर्ज किया। बता दें कि रविशंकर पर अयोध्या मामले पर ‘भड़काऊ’ बयान देकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं के नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

हिंदुस्तान के मुताबिक, मोघलपुरा थाने के निरीक्षक आर देवेंद्र ने कहा कि, ‘अध्यात्मिक गुरू के खिलाफ शहर के संगठन दरगाह जिहाद- ओ- शहादत (डीजेएस) के सचिव सलाहुद्दीन अफान ने शिकायत दर्ज कराई है, जो मध्यस्थ बनकर अयोध्या विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अपनी शिकायत में अफान ने आरोप लगाया कि मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से रविशंकर ने अयोध्या विवाद पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है।

लखनऊ में भी शिकायत दर्ज

वहीं ‘सीरिया वाले बयान’ को लेकर रविशंकर के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। लखनऊ पुलिस को दी गई शिकायत में शिकायकर्ता ने पुलिस से रविशंकर के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।पुलिस के अनुसार उन्हें आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता तौहीद सिद्दीकी की तरफ से शिकायत मिली है।

बता दें कि रविशंकर इन दिनों अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की कोशिश में जुटे हैं। इस बीच 5 मार्च को इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में अयोध्या विवाद पर चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर मामला नहीं सुलझा तो ‘भारत में सीरिया जैसे हालात हो जाएंगे’।

NDTV के मुताबिक, इसी बयान को लेकर पुलिस को दी शिकायत में तौहीद ने कहा है कि रविशंकर ने भारत में रहने वाले मुसलमानों को धमकी दी है। तौहीद ने लखनऊ पुलिस से इस मामले में श्री श्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अगले 48 घंटे में रविशंकर के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो वह अपने कार्यकर्ता के साथ मिलकर लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास का घेराव करेंगे।

हालांकि अभी तक इस मामले को लेकर पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ध्यान हो कि पांच मार्च को दिए अपने बयान पर कुछ दिन पहले ही उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि कुछ लोगों ने उनके कहने का गलत मतलब निकाला है। गौरतलब है कि अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद को लेकर मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है।

अयोध्या में मंदिर के पक्ष में फैसला न आने पर खून खराबे की दी चेतावनी

बता दें कि रविशंकर इन दिनों अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की कोशिश में जुटे हैं। इस बीच सोमवार (5 मार्च) को अयोध्या विवाद पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मामला नहीं सुलझा तो ‘भारत में सीरिया जैसे हालात हो जाएंगे’। साथ ही उन्होंने मंदिर के पक्ष में फैसला न आने पर खून खराबे की भी चेतावनी दे डाली। उन्होंने ये बातें अंग्रेजी समाचार चैनल इंडिया टुडे और एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू के दौरान कहीं।

रविशंकर का कहना है कि अगर अयोध्या में राम मंदिर विवाद नहीं सुलझा तो भारत सीरिया बन जाएगा। रविशंकर ने सोमवार को अयोध्या में मंदिर बनाने की वकालत करते हुए इंडिया टुडे से कहा कि, ‘मुस्लिमों को सद्भावना दिखाते हुए अयोध्या पर अपना दावा छोड़कर मिसाल पेश करनी चाहिए। अयोध्या मुस्लिमों की आस्था का स्थान नहीं है।’

रविशंकर ने कहा कि इस्लाम विवादित स्थल पर पूजा करने की अनुमति नहीं देता है। विवादित स्थल पर अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को भी उन्होंने खारिज कर दिया। रविशंकर के मुताबिक फैसला अदालत से आया तो भी कोई भी पक्ष राजी नहीं होगा। अदालत के फैसले में एक पक्ष को हार माननी होगी। ऐसे में बवाल होने की आशंका है, जो समाज के लिए अच्छा नहीं है।

वहीं एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि, ”अगर कोर्ट कहता है कि ये जगह बाबरी मस्जिद है तो क्या लोग इस बात को आसानी और खुशी से मान लेंगे? 500 सालों से मंदिर की लड़ाई लड़ रहे बहुसंख्यकों के लिए कड़वी गोली की तरह होगी। ऐसी स्थिति में खून खराबा भी हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाता है तो मुस्लिम हारा हुआ महसूस करेंगे। वो न्यायपालिका में अपनी यकीन खो सकते हैं। ऐसे में वो अतिवाद की तरफ बढ़ सकते हैं। हम शांति चाहते हैं। बता दें कि इससे पहले वाराणसी में रविशंकर ने कहा था ने कहा था कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं कुछ एकड़ जमीन के टुकड़े से कहीं बड़ी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here