राफेल विवाद: रक्षा मंत्री बोलीं- दसॉल्ट पर ऑफसेट पार्टर का ब्योरा साझा करने के लिए दबाव नहीं डाल सकते

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वायु सेना के लिए 36 राफेल लड़ाकू विमान सौदे की कीमत का ब्योरा सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे जाने के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है। निर्मला सीतारमण ने शनिवार (17 नवंबर) को कहा कि भारत फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी दसॉल्ट एविएशन पर राफेल सौदे से जुड़े ऑफसेट साझेदार का ब्योरा साझा करने के लिए सिर्फ इसलिए दबाव नहीं डाल सकती है, क्योंकि विपक्ष इसके बारे में जानना चाहता है।

(AFP File Photo)

रक्षा मंत्री ने कहा कि दसॉल्ट, भारत के साथ समझौते के तहत ऑफसेट पार्टनर का ब्यौरा साझा करने के लिए बाध्य है लेकिन ऐसा करने के लिए एक साल का समय है। आपको बता दें कि दसॉल्ट, राफेल लड़ाकू विमान सौदे में मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) है। पीटीआई के मुताबिक मंत्री ने वार्षिक ईटी अवार्ड में कहा, ‘‘केवल इसलिए कि कल मेरे विपक्षी इसके (ऑफसेट पार्टनर का ब्यौरा) बारे में जानना चाहते थे, मैं ओईएम पर यह कहकर दबाव नहीं डाल सकती कि विपक्ष यह चाहता है, मुझे अभी बताइए।”

सीतारमण ने कहा, ‘‘नियम के मुताबिक, वे मुझे अगले साल भी बता सकते हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके लिए इंतजार करूंगी। एक बार जान लूं, मैं आपको बता दूंगी। इससे पहले, खबरों के आधार पर मैं अटकलें क्यों लगाऊं?” आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदा मामले की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराए जाने संबंधी विभिन्न याचिकाओं पर विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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