पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव मिला, दो दिन से थे लापता

0

पूर्व विदेश मंत्री व कर्नाटक के पूर्व मख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद और बेंगलुरू की रिटेल श्रंखला कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वी.जी. सिद्धार्थ की मौत हो गई है। उनका शव बरामद हो गया है। सिद्धार्थ का शव कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी में बुधवार को मिला। देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन के संस्थापक सिद्धार्थ सोमवार को मैंगलुरु जाते समय संदेहास्पद परिस्थितियों में अचानक गायब हो गए थे। बता दें कि वीजी सिद्धार्थ पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता एसएम कृष्णा के दामाद हैं।

(MInt file photo)

सीसीडी के फाउंडर सिद्धार्थ सोमवार से लापता थे और उनके आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही थी। वहीं, उनके द्वारा कथित रूप से लिखे एक पत्र में कहा गया है कि उन पर कर्जदाताओं का ‘भारी दबाव’ था। मैंगलुरू के विधायक यू टी खादर ने बताया कि मित्रों और संबंधियों ने इस बात की पुष्टि की है कि शव सिद्धार्थ का ही है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि शव सिद्धार्थ का प्रतीत होता है और अभी उनके परिवार से इसकी पुष्टि नहीं की गई हैं।

दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने पीटीआई से कहा कि एक शव मिला है जो उनका (सिद्धार्थ) प्रतीत होता है। परिवार को अभी इसकी अंतिम पुष्टि करनी है। मैंगलुरु के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने कहा कि शव को आगे की औपचारिकताओं के लिए वेंगलॉक अस्पताल में रखा गया है। सिद्धार्थ का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), तटरक्षक, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग एवं तटीय पुलिस की टीमों ने उस पुल के नीचे नेत्रावती नदी के पानी में तलाश की थी, जहां 60 वर्षीय सिद्धार्थ को आखिरी बार देखा गया था।

पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता एस. एम. कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ को दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रावती नदी के पुल के पास सोमवार रात देखा गया था। सिद्धार्थ सोमवार की दोपहर बेंगलुरु से हासन जिले के सक्लेशपुर के लिए निकले थे, लेकिन अचानक उन्होंने अपने कार चालक से मैंगलुरु चलने को कहा। पुलिस ने बताया कि नेत्रावती नदी पर बने पुल के पास वह कार से उतर गए और उन्होंने चालक से कहा कि वह टहलने जा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि कैफे कॉफी डे के मालिक सिद्धार्थ 29 जुलाई को मंगलुरु आ रहे थे। बीच रास्ते में सिद्धार्थ सोमवार शाम 6.30 बजे गाड़ी से उतर गए और टहलने लगे। टहलते-टहलते वे लापता हो गए। लापता होने से पहले सिद्धार्थ ने अपने सीएफओ से बात की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि कॉफी कैफे डे पर करीब सात हजार करोड़ का लोन है। पुलिस को शक है कि लोन के कारण सिद्धार्थ ने आत्महत्या कर लिया।

सिद्धार्थ भाजपा के वरिष्ठ नेता और यूपीए-2 सरकार में विदेश मंत्री (2009-2012) रह चुके एस. एम. कृष्णा के सबसे बड़े दामाद हैं। जीवन के पांच दशक कांग्रेस में गुजारने के बाद पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा भाजपा में शामिल हो गए थे। कर्नाटक की राजनीति में उनका दबदबा रहा है और वे 1999 से 2004 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा वे कर्नाटक विधानसभा में स्पीकर और 2004 से 2008 तक महाराष्ट्र के गवर्नर भी रह चुके हैं। 2017 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से नाराज होकर इस्तीफा दिया था और फिर बाद में भगवा पार्टी का दामन थाम लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here