अब 12 साल से कम उम्र के मासूमों से बलात्कार पर होगी मौत की सजा, मोदी सरकार ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप-हत्या और उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार सहित देश भर में नाबालिगों से रेप की बढ़ती घटनाओं पर सख्ती बरतते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने शनिवार (21 अप्रैल) को 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने को मंजूरी दे दी। इसके बाद अब जल्द ही अध्यादेश जारी होगा।

(Reuters File Photo)

बता दें कि कठुआ से लेकर सूरत, एटा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों में हर रोज मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार के जो दिल दहला देने वाले मामले आ रहे हैं, इस तरह की घटनाओं के बाद पूरे देश में जो गुस्सा है उसे देखते हुए केंद्र सरकार आज 12 साल से कम उम्र के बच्चियों से रेप के मामले में मौत की सजा के प्रावधान को मंज़ूरी दे दी है। बैठक में पाक्सो यानि Protection of Children Against Sexual Offences एक्ट में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

फिलहाल केंद्र सरकार ने इस अध्यादेश को लाने के फैसले पर मुहर लगाई है। आगे वह इसके जरिए कानून बनाएगी, जिसमें 12 साल से कम उम्र के मासूमों से रेप करने वाले दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। केंद्र सरकार इसके लिए ‘द प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट’ (पॉक्सो एक्ट) में संशोधन करेगी। पीएम मोदी के नई दिल्ली स्थित आवास पर इस संबंध में शनिवार दोपहर करीब ढाई घंटे बैठक हुई थी, जिसमें अध्यादेश लाने का फैसला किया है।

नवभारत टाइम्स के मुताबिक 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप करने वाले की न्यूनतम सजा को 10 साल से बढ़ाकर 20 साल किया गया है। दोषी को उम्रकैद भी दी जा सकती है। इतना ही न हीं, अध्यादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि 12 साल से कम उम्र की लड़की से रेप के दोषी को न्यूनतम 20 साल की जेल या उम्रकैद की सजा दी जाएगी। महिला के साथ रेप के मामले में न्यूनतम सजा को 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। दोषी को उम्रकैद भी दी जा सकती है।

साथ ही 12 साल से कम उम्र की बच्ची से गैंगरेप करने पर दोषी को उम्रकैद या मौत की सजा दी जाएगी। अध्यादेश जारी होते ही 12 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप के दोषी को अदालतें मौत की सजा दे सकेंगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस अध्यादेश के जरिए IPC, CRPC व ऐविडेंस ऐक्ट में संशोधन के साथ ही पॉक्सो ऐक्ट में ऐसे अपराध के लिए मौत की सजा का नया प्रावधान शामिल किया जाएगा।

 

 

 

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