उद्धव और राज ठाकरे के बाद अब शरद पवार ने भी बुलेट ट्रेन का किया विरोध

0

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुलेट ट्रेन का विरोध किया है। शरद पवार ने बुलेट ट्रेन परियोजना को अव्यवहारिक करार देते हुए आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की तुलना में गुजरात को इस प्रोजेक्ट से ज्यादा लाभ मिलेगा।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार(3 अक्टूबर) को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पवार ने आरोप लगाया कि जापान को आर्थिक मंदी से बचाने के लिए मोदी सरकार द्वारा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम गरीब जनता जिससे सफर करती है, उस लोकल सेवा में सुधार के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है, लेकिन बुलेट ट्रेन जरूर चलाएंगे।

अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बुलेट ट्रेन की जरूरत मुंबई-दिल्ली या दिल्ली-कोलकाता या मुंबई-चेन्नई के बीच है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन अव्यावहारिक है। पवार ने कहा कि इस समय जापान आर्थिक मंदी से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे तेज दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन जापान में है और फास्ट ट्रेन के कारखाने भी हैं, लेकिन उसके लिए वहां बाजार उपलब्ध नहीं है। इसलिए जापान को आर्थिक मंदी से बचाने के लिए अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना को शुरू किया गया है। पवार ने बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र को मजह चार स्टेशन मिलने पर भी सवाल उठाया है।

नोटबंदी और जीएसटी पर साधा निशाना

बुलेट ट्रेन के अलावा मोदी मोदी सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी और आर्थिक सुस्ती को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच शरद पवार ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पवार ने मोदी सरकार पर बिना तैयारी के कदम उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बिना पर्याप्त तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे कदमों का नतीजा है।

पवार ने पत्रकारों से कहा कि आज देश में निवेश के लिहाज से माहौल अच्छा नहीं है और इसी का नतीजा है कि कोई नया निवेश नहीं आ रहा है। मेक इन इंडिया का नारा शुरू में बहुत आकर्षक प्रतीत हो रहा था, लेकिन उसका खोखलापन अब दिखायी देने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना पर्याप्त तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने का फैसला लिया, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को भारी आघात पहुंचाया है।

उद्धव और राज ठाकरे ने भी किया था विरोध

बता दें कि इससे पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना बुलेट ट्रेन का विरोध कर चुके हैं। पिछले दिनों दशहरा के अवसर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा था कि बुलेट ट्रेन कौन चाहता है? पहले रेल ढांचे में सुधार कीजिए।

शरद पवार की तरह ही शिवसेना का भी मानना है कि बुलेट ट्रेन के लिए जमीन और पैसा महाराष्ट्र-गुजरात का खर्च हो रहा है और इस परियोजना का लाभ जापान को मिलेगा। वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी मोदी सरकार को धमकी देते हुए कहा था कि जब तक मुंबई लोकल की स्थिति ठीक नहीं होती, तब तक बुलेट ट्रेन के लिए एक ईंट भी नहीं लगने दूंगा।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और PM मोदी ने रखी बुलेट ट्रेन की नींव

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर को अहमदाबाद में भारत की पहली बुलेट ट्रेन की नींव रखी। मुंबई से अहमदाबाद रूट पर चलने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन के जरिये यात्री समुद्र के अंदर यात्रा करने का रोमांच अनुभव कर सकेंगे। सरकार ने कहा है कि 15 अगस्त 2022 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा।

इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें 88 हजार करोड़ का कर्ज जापान देगा। इस कर्ज का ब्याज मात्र 0.1 फीसदी होगा, जिसे 50 साल में चुकाना होगा। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हुआ है, जब 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होंगे तब मैं और शिंजो आबे बुलेट ट्रेन में एक साथ बैठेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here