कठुआ गैंगरेप-हत्या मामला: PM मोदी पर भड़के कश्मीरी मूल के ब्रिटिश सांसद, कहा- ‘भारत बलात्कार की राजधानी बन गया है’

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या का मामला भारत सहित पूरे विश्व में लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कठुआ के हीरानगर तहसील के रसाना गांव में इसी साल की शुरूआत में जनवरी महीने में आठ साल की बच्ची आसिफा का अपहरण कर उसके साथ एक मंदिर में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई। बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में स्थानीय लोगों समेत अब तमाम बड़ी हस्तियों का भी गुस्सा देखने को मिल रहा है। कठुआ बलात्कार और हत्या की आलोचना अब देश में ही नहीं बल्कि देश से बाहर भी हो रही है।इस बीच इस मामले को लेकर कश्मीरी मूल के एक ब्रिटिश सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नाराजगी व्यक्त किया है। ‘जनता का रिपोर्टर’ के एडिटर इन चीफ रिफत जावेद को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ब्रिटेन के शहर बर्मिंघम पेरी बार से ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद खालिद महमूद ने कहा कि ‘भारत बलात्कार की राजधानी’ बन गया है। उन्होने कहा है कि इस घटना से लोग काफी दुखी है। ऐसी स्थिति में भारतीय पीएम मोदी अगर ब्रिटेन का दौरा करते हैं तो उन्हें यहां वो सम्मान नही मिलेगा जो पहले मिला था।

कठुआ गैंगरेप और हत्या से आहत सांसद ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से भयावह है। मुझे लगता है कि यदि मोदी यहां (ब्रिटेन) आएंगे तो उन्हें पहले जैसा सम्मान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका सम्मान इसलिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह घटना बहुत घृणित है। उन्होंने कहा कि चुकि वो भारत के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए राजकीय सम्मान देना ब्रिटेन का कर्तव्य है, लेकिन उनको अब वो सम्मान नही मिलेगा।

महमूद ने कहा कि ये भारत के लिए अच्छी बात नहीं है, अगर भारत को इंटरनेशनल खिलाड़ी बनना चाहता है तो उन्हें लोकतांत्रिक देश की तरह बर्ताव करना होगा। पांच बार के सांसद महमूद ने कहा कि यदि आप (भारत) लोकतंत्र हैं, तो आपको कानून के शासन को स्वीकार करना होगा। एमपी महमूद ने भारत को सबसे बड़ा लोकतंत्र कहने के दावे को भ्रम करार देते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दम भरता है, लेकिन मुझे वहां कोई कार्य लोकतांत्रिक नहीं लगता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब कानून, पारदर्शिता और जवाबदेही होती है। लेकिन उनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। सांसद खालिद महमूद ने भारत को बलात्कार की राजधानी बताते हुए कहा कि दुनिया भर के लोग कठुआ गैंगरेप के घृणित कृत्य पर चकित हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं और जवान लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और भारत में गरिमा के साथ नहीं रह सकती तो यह किस तरह का लोकतंत्र है?

8 साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी से आहत सांसद ने कहा कि लोग काफी नाराज़ और परेशान हैं कि वास्तव में ऐसा किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि गैंगरेप करने वाले अपराधियों का समर्थन करना घृणित है। महमूद ने कहा कि मुझे लगता है कि पीएम मोदी ने इस घटना पर जो प्रतिक्रिया दी है वह बहुत कम है, क्योंकि इससे कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी वह व्यक्ति हैं जो अनुरोध करते हैं, जबकि उन्हें सीधे तौर पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ना की अनुरोध।

महमूद ने कहा कि कठुआ में 8 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या कश्मीरी आबादी को दबाने के लिए एक षडयंत्र था। उन्होंने कहा कि क्या लड़की का जीवन कुछ भी नहीं है? भारत में एक मुस्लिम लड़की की जीवन क्या है? उन्होंने कश्मीरी आबादी को लंबे समय तक दबाने के लिए यही किया है। उन्होंने पीएम मोदी से सवाल करते हुए पूछा कि ऐसा होने की इजाजत देकर लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं और क्या ऐसा करना ठीक है?

कठुआ गैंगरेप पर दुनिया में शर्मसार हुआ भारत

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ बलात्कार और हत्या की आलोचना अब देश में ही नहीं बल्कि देश से बाहर भी हो रही है। इस मामले ने देश को शर्मसार कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या को ‘भयावह’ बताते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाए जाने की उम्मीद जाहिर की। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने घुमंतू बकरवाल समुदाय की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खबरें देखी हैं।

उन्होंने कहा कि, ‘हम आशा है कि प्रशासन इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार दोषियों को कानून के दायरे में लाएगा।’ वहीं भारी दबाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस घटना की निंदा करते हुए कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में हेड कांस्टेबल, एक सब-इंस्पेक्टर, दो विशेष पुलिस अधिकारी सहित आठ लोग गिरफ्तार किए गए और उनमें से सात के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया गया है।

आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल की लड़की को जनवरी में एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था और उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार बार बलात्कार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसके खिलाफ एक पृथक आरोपपत्र दायर किया गया है।

 

 

 

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