उत्तर प्रदेश: बदायूं में अंबेडकर की प्रतिमा को लोहे के पिंजड़े में किया गया कैद, विवाद होने पर हटाई गई जाली

0

पिछले कुछ दिनों उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से महापुरुषों की मूर्तियों के टूटने की घटनाएं सामने आने के बाद से राज्य का प्रशासनिक अमला कुछ ज्यादा ही सतर्क हो गया है। इस बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्तियों को तोड़फोड़ से बचाने के लिए एक अजीबोगरीब रास्ता अपनाया है। अंबेडकर की मूर्ति को किसी भी हमले से बचाने के लिए मूर्ति को ही पिंजरे में कैद कर दिया।

फोटोः सोशल मीडिया

हालांकि, बताया जा रहा है मामला मीडिया में सामने आने के बाद प्रशासन ने जाली को हटाकर बाबा साहेब की मूर्ति को पिंजरे से आजाद कर दिया गया है। दरअसल, बदायूं शहर के बीचों बीच एक चौराहे के निकट लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की एक प्रतिमा को लोहे की सलाखों में बंद कर ताला लगा दिया गया। जिसके बाद इस पर विवाद शुरू हुआ तो अंबेडकर की मूर्ति को पिंजरे से मुक्त कर मूर्ति के चारों ओर से जाली हटा दी है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लोहे के मजबूत जाल में बंद करने की यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित गद्दी चौक की है। यहां लगी प्रतिमा को न सिर्फ लोहे के जाल में बंद कर दिया गया बल्कि, ताला भी लगा दिया गया था। साथ ही यहां पुलिस की ओर से ड्यूटी भी लगी हुई है। तीन होमगार्ड प्रतिमा की 24 घंटे सुरक्षा करते हैं।

समाचार एजेंसी भाषा ने पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि हो सकता है कि किसी ने मूर्ति की सुरक्षा के मद्देनजर ऐसा किया होगा, लेकिन किसने किया इसकी कोई जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी।

एसडीएम बदायूं पारसनाथ मौर्य ने भाषा को बताया कि 14 अप्रैल को डॉ0 अंबेडकर जयंती तक मूर्तियों की विशेष सुरक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व मूर्तियों को नुकसान पहुंचा कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं लेकिन मूर्ति को लोहे की सलाखों में किसने बंद किया इस सवाल पर उन्होंने भी अनभिज्ञता जताई।

राज्य में तोड़ी जा चुकी हैं कई जगह मूर्तियां

बता दें कि इसके पहले यूपी की राजधानी लखनऊ से भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी। जहां लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में बाबा साहब की मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए रेलिंग और चैनल से घेरकर ताला जड़ दिया गया था। इससे पहले फिरोजाबाद, आजमगढ़ समेत कई इलाकों में मूर्ति तोड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वहां तैनाव फैल गया था।

आजमगढ़ जिले में 10 मार्च को बाबा साहेब की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया था। इसके अलावा इलाहाबाद के झूंसी में त्रिवेणीपुरम के पास 30 मार्च को देर रात डॉ अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया था। वहीं 31 मार्च को सिद्धार्थनगर जिले में कुछ शरारती तत्वों ने बाबा साहेब की प्रतिमा का दाहिना हाथ तोड़ दिया था।

इसके अलावा डुमरियागंज थाना क्षेत्र के गौहनिया गांव में हुई इस घटना से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और शरारती तत्वों की गिरफ्तारी के साथ मूर्ति बदलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये थे। जबकि 5 अप्रैल को फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला नंदे गांव में कुछ असामाजिक तत्वों ने आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

हाल ही में बदायूं के दुगरैया में अबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, जिसके बाद वहां पर नई मूर्ति लगाई गई थी। लेकिन मूर्ति भगवा रंग की होने के कारण चर्चा का विषय बन गई। बाद में उस मूर्ति को फिर से नीले रंग से रंगा गया। अंबेडकर की मूर्ति का रंग भगवा किए जाने के बाद चौतरफा विरोध को देखते हुए अब उसे दोबारा नीला पेंट कर दिया गया।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here