करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास से पहले ही विवाद, पंजाब सरकार के मंत्री ने शिलापट पर अपने और सीएम अमरिंदर सिंह के नाम पर चिपकाया काला टेप

0

करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास से पहले ही विवाद शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू आज यानी सोमवार (26 नवंबर) को करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखेंगे। हालांकि, शिलान्यास से पहले पंजाब सरकार में मंत्री एसएस रंधावा ने अजीबोगरीब कारनामा कर दिखाया है। मंत्री एसएस रंधावा ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर लगाए गए शिलान्यास के पत्थर पर अपने और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पंजाब के अन्य मंत्रियों के नाम पर काला टेप लगा दिया है।

Photo: ANI

ऐसा करने की वजह पूछे जाने पर मंत्री रंधावा ने बताया कि नींव पत्थर पर पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के नाम के विरोध में उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने कहा, ‘इस पत्थर पर प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल के नाम होने के विरोध में मैंने ऐसा किया है। उनके नाम यहां क्यों हैं? वे कार्यकारिणी के हिस्सा नहीं हैं, न ही यह बीजेपी-अकाली पार्टी का इवेंट है।’

इसके साथ ही रंधावा ने हरसिमरत कौर बादल पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कौर पर उस बयान को लेकर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को ‘कौम का गद्दार’ कहा था। रंधावा ने कहा कि सिद्धू को कौम का गद्दार कहने वालीं हरसिमरत कौर बादल अब खुद पाकिस्तान जा रही है, अब वो क्या मुंह लेकर वहां जाएंगी।’

https://twitter.com/ANI/status/1066886648493953024/photo/1

दरअसल, पंजाब सरकार के मंत्रियों का कहना है कि कॉरिडोर बनाने का फैसला आनन-फानन में लिया गया है, केंद्र सरकार को अभी ये भी नहीं पता है कि कॉरिडोर कहां बनाना है। आपको बता दें कि पाक स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए डेरा बाबा नानक में सोमवार को उपराष्ट्रपति और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह कॉरिडोर का नींव पत्थर रखेंगे।

इसके लिए डेरा बाबा नानक के काहलांवाली चौक के पास गांव मान में एक बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान से कई मंत्रियों को न्योते आए हैं। जिनमें से एक नाम विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का भी है। सुषमा स्वराज ने पाक के न्योते को स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन उन्होंने इस समारोह में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है।

पाकिस्तान से न्योता मिलने के बावजूद सुषमा स्वराज वहां नहीं जा पाएंगी। सुषमा स्वराज ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए बताया कि उनकी जगह दो केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को भी न्योता भेजा गया था। सिद्धू ने स्वीकार पाक के न्योते को स्वीकार कर लिया, लेकिन सीएम ने इम आमंत्रण को ठुकरा दिया।

आपको बता दें कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब भारत-पाकिस्तान सीमा से 3 किलोमीटर की दूरी पर है। यहीं पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपना अंतिम वक्त गुजारा था। सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी ने करतारपुर में अपने जीवन के 18 साल व्यतीत किए थे। भारत सरकार ने ‘करतारपुर साहिब गलियारे’ पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी सुविधा विकसित करने का भी निर्णय किया है जहां वीजा, ट्रांजिट और कस्टम की सभी सुविधाएं होंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here