क्या पत्रकार अभिसार शर्मा ने मोदी और योगी सरकार के खिलाफ बोलने के लिए बुजुर्ग को पैसे दिए?, जानें BJP ट्रोल आर्मी के दावों की सच्चाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ट्रोल आर्मी द्वारा वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपने हालिया लोकसभा चुनाव कवरेज के दौरान एक ग्रामीण को भगवा पार्टी के खिलाफ बोलने के लिए पैसे दिए थे। वीडियो में पत्रकार अभिसार शर्मा दिख रहे हैं। अभिसार (जिन्हें पिछले साल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कथित आलोचना के कारण एबीपी न्यूज़ से नौकरी छोड़नी पड़ी थी) उत्तर प्रदेश की यात्रा के दौरान एक गांव में बुजुर्गों के एक समूह से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

फोटो: ट्विटर

वीडियो में एक बुजुर्ग ग्रामीण (गन्ना किसान) योगी आदित्यनाथ सरकार पर चीनी मिल मालिकों के साथ मिलकर किसानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगा रहा है। इसके बाद इस छोटी सी बातचीत के दौरान अभिसार एक बुजुर्ग के हाथ में कागज का एक टुकड़ा देते दिख रहे हैं। वायरल करने वाले बीजेपी समर्थकों का आरोप है कि अभिसार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार के विरोध में बोलने के लिए बुजुर्ग के हाथ में पैसे दिए।

अभिसार से बातचीत के दौरान अधिकतम किसान 2014 में भगवा पार्टी को वोट देने के बावजूद बीजेपी से नाराज थे। इस वीडियो को बीजेपी की ट्रोल आर्मी द्वारा जमकर शेयर किया जा रहा है। वीडियो शेयर कर बीजेपी समर्थकों ने अभिसार पर जमकर निशाना साधा।

इन लोगों में विकास पांडे नाम का एक व्यक्ति भी शामिल है, जिसे ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं। इसके अलावा अभिसार शर्मा पर निशाना साधने वालों में पूर्व सेना के जवान मेजर (सेवानिवृत्त) सुरेंद्र पूनिया का नाम भी शामिल हैं। बता दें कि पूनिया हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं।

हालांकि, ‘जनता का रिपोर्टर’ ने अपनी पड़ताल में पाया कि अभियार शर्मा पर बुजुर्ग को पैसा देने का आरोप बिल्कुल झूठा है। अभिसार ने खुद पूरा वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें साफ दिख रहा है कि उस बुजुर्ग किसान ने अभिसार को पहले उनके हाथ में अखबार की एक कटिंग दी और बाद में उन्होंने वही अखबार की कटिंग बुजुर्ग को लौटाई। अभिसार ने आरोप लगाया कि ये बीजेपी की आईटी सेल वालों का काम है। झूठ फैलाना और गाली देना इनका काम है। अभिसार ने कहा कि मैं इनसे डरने वाला नहीं हूं।

देखें, वीडियो जिसमें अभिसार बुजुर्ग से अखबार की कटिंग लेते और इंटरव्यू के दौरान ही वापस देते दिखाई दे रहे हैं।

1 COMMENT

  1. ये भकतन का रोज का काम है। जो वो करते हैं वही दूसरों में देखते हैं। गिल्टी कानशासनेस का उदाहरण है।

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