VIDEO: प्रज्ञा ठाकुर को काले झंडे दिखाने वाले NCP कार्यकर्ता को BJP कार्यकर्ताओं ने SDM कार्यालय के अंदर पीटा

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लोकसभा के तीसरे चरण के लिए मंगलवार (23 अप्रैल) को देशभर में 116 सीटों पर मतदान जारी है। ये मतदान 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हो रहे है। इस चरण के साथ ही गुजरात, केरल, गोवा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, असम, दादर नागर हवेली और दमन-दीव की सभी लोकसभा सीटों पर मतदान पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में अहमदाबाद के रानिप में एक मतदान केंद्र पर वोट डाला जो गुजरात के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र का एक हिस्सा है।

लोकसभा के लिए मंगलवार को हो रहे तीसरे चरण में 116 सीटों पर छिटपुट हिंसक घटनाओं को छोड़कर मतदान सुचारू रुप से चल रहा है। इस बीच मध्यप्रदेश में एसडीएम कार्यालय के अंदर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा एनसीपी के एक कार्यकर्ता को पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एसडीएम कार्यालय के भीतर एक एनसीपी कार्यकर्ता को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीट बेरहमी से पिट दिया। एनसीपी कार्यकर्ता पर आरोप है कि उसने भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार और मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रोड शो के दौरान कथित रूप से काले झंडे दिखाए।

बता दें कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान पर जारी नोटिस के जवाब को अस्वीकार करते हुए निर्वाचन आयोग ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने एक समाचार चैनल को दिए बयान में कहा था कि उन्हें बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने पर गर्व है। उनके इस बयान पर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

हेमंत करकरे पर दिया था विवादित बयान

भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही प्रज्ञा अपने बयानों की वजह से पार्टी को मुश्किल में खड़ा कर रही हैं। प्रज्ञा ने इससे पहले मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोली से शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था। मामले के तूल पकड़ने पर उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी भी मांग ली थी।

ठाकुर ने मुंबई हमलों के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा था कि मालेगांव बम धमाके के मामले में गिरफ्तारी के बाद करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके शाप की ही वजह से आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला। ज्ञात हो कि, 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रही हैं। इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही हैं।

 

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  1. What can you expect from goons and assholes who can not take the truth and show power to cover-up the facts and mistakes of theirs.

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