पश्चिम बंगाल में BJP कार्यकर्ताओं द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की रची जा रही है साजिश, हथियार और बम इकट्ठा करने का हुआ खुलासा

0

विजयादशमी यानी 10 सितंबर के दिन पूजा के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने कि कोशिश की जा रही है। इसका खुलासा सोशल मीडिया के जरिए हुआ है। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर एक चैट के दौरान एक बीजेपी नेता ने कहा कि विजयादशमी को राज्य में दंगा करने के लिए हथियारों और बमों को इकट्ठा कर लिया गया है।

photo- ationalheraldindia

नेशनल हेराल्ड की ख़बर के मुताबिक, सोशल मीडिया यूजर संतोष कुमार ने इस बात को कबूल किया है कि विजयादशमी पर पूजा के बाद सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी।

दरअसल, इस वर्ष कुछ वरिष्ठ नेताओं से मिलकर संतोष कुमार नाम के शख्स ने एक टीम बनाई गई है जो बंगाल के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने में उसकी मदद करेगा। बता दें कि इससे पहले, इस समूह के सदस्यों ने तिल्जाला मस्जिद पर हमला करने का आरोप लगा था। जिसके बाद मुसलमानों को दो दिन के लिए अपनी नमाज रोकना पड़ा था। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि, इस समूह में पार्टी के कई सदस्यों का समर्थन है।

संतोष कुमार नाम के इस शख्स की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें वह केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री के साथ दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों में वह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसद रूपा गांगुली के साथ नज़र आ रहा है।

नेशनल हेराल्ड से बातचीत करते हुए संतोष ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने मस्जिदों पर इन हमलों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी दी है। संतोष ने यह भी दावा किया कि दिलीप घोष को व्यक्तिगत रूप से राज्य में हथियारों की फैक्टरी शुरू करने और हिंदू मंदिरों में गोमांस को फेंकने से सांप्रदायिक परेशानियों की योजना बनाने के प्रस्तावों को सौंप दिया था।

जिसके बाद संतोष ने जिलाध्यक्ष अभिजीत दास से अपनी योजनाओं के बारे में संपर्क किया तो उन्होंने उनसे कहा कि आप ये काम क्यों करते हैं? यह काम आरएसएस लोगों का हैं।

इस टीम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बीजेपी और आरएसएस के कार्यकर्ता शामिल हैं। संतोष के अनुसार, वर्तमान समूह के आठ से 10 सदस्यों को इन समूहों द्वारा शस्त्रों का इस्तेमाल करने और दुर्गा पूजा के दौरान कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। टीम में दक्षिण 24 परगनाओं के लगभग 400 सदस्य हैं, जिनमें भाजपा की बंगाल इकाई के कुछ प्रमुख सदस्य शामिल हैं। संतोष द्वारा बताए गए इस दल के प्रमुख सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं:

अर्नव मित्रा, सूरज कुमार सिंह, राजेश जैन सुराणा, रश्मी गांधी, सबिता चौधरी, राजा बोस, राजर्षि लाहिरी, गौरव विश्वास, सुशील शहन, भगवान झा, प्रदीप शर्मा, तपस पाल, शिवशंकर भट्ट, निमई साहा, सुनील द्विवेदी, मनोहर पाठक, सुभाष शॉ, मोंटी, साथ ही इस मैसेज में लिखा है कि, कई ऐसे भी हैं जो एक कॉल पर कहीं भी जाने को तैयार रहते हैं।

इस स्क्रीनशॉट में आप पढ़ सकते है कि संतोष कह रहा है कि हमारे पास हथियार तो नहीं है कोई लाइसेंसी हथियार का उपाय करवा दिजिए। 2 बंदूकें है जो बिहार से लाया था। लोकल बम है, लेकिन लाइसेंस हथियार चाहता हूं। इस बातचीत के दौरान संतोष कहता है कि निमई, राजा, मोंटी, सुभाष और सुशील सभी विस्फोटकों की व्यवस्था करेंगे जबकि लगभग सभी सदस्यों के पास तलवारें और लाठी है।

बम के ठिकाने पूछे जाने पर बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा कि “हमने उन्हें अपने घरों में नहीं रखा है।” यह स्थान अभी तक अज्ञात है। लेकिन संतोष ने दावा किया कि इन सभी तथ्यों के बारे में कैलाश जी को जानकारी है। उन्होंने कैलाशजी से संपर्क किया और उसे सब कुछ बताया।

बता दें कि, इस वक्त बीजेपी बंगाल में विपक्ष की भूमिका में आ गई है और उसे उम्मीद है कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के बाद हिंदू और मुस्लिम दो पार्टी में हो जाएंगे और इससे आने वाले विधानसभा चुनाव में उसे फायदा मिलेगा।

इस रिपोर्ट में यह तो साफ तो हो गया है कि बीजेपी युवा हिंदुओं को हथियार उठाने के लिए उकसा रही है। संतोष कुमार द्वारा दिया बयान हैरान करने वाला है। अब देखना होगा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसे अराजक तत्वों से कैसे निपटती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here