अमित शाह ने BJP कार्यकर्ताओं द्वारा ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के आरोपों को किया खारिज, हिंसा के बाद ममता बनर्जी ने फेसबुक और ट्विटर पर बदली DP

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भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार (15 मई) को एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के पीछे भाजपा नहीं बल्कि तृणमूल कांग्रेस का हाथ है। पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए शाह ने कहा कि भाजपा देश में सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है लेकिन हिंसा कहीं नहीं हुई जबकि बंगाल में चुनाव के हर चरण में हिंसा से स्पष्ट है कि इसके पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है। शाह ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग भी की।

प्रेस कॉन्फेंस के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने टीएमसी के उस आरोप का खंडन किया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी। भाजपा अध्यक्ष ने कुछ तस्वीरें दिखाकर दावा किया कि मंगलवार को हुए रोड शो में हिंसा टीएमसी के लोगों ने की और टीएमसी के ही गुंडों ने ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा भी तोड़ी। उन्होंने दावा किया कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। न तो पुलिस ने कोई जांच की और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया।

शाह ने कहा, ‘‘जहां समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा रखी है वह जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, ताला लग चुका था, फिर किसने कमरे खोले? ताला भी नहीं टूटा, तो चाबी किसके पास थी? कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है।’’

एक तस्वीर दिखाते हुए शाह ने कहा कि TMC कह रही है कि हमने ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी की प्रतिमा को तोड़ा, पर तस्वीर में साफ है कि गेट अंदर से बंद था, जहां से TMC के कार्यकर्ता हमला कर रहे थे। TMC के लोगों ने ही ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी की प्रतिमा को तोड़ा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति के लिए बंगाल पुनर्जागरणकाल की महान हस्ती ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने का मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की उल्टी गिनती शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की सुरक्षा के बिना मैं सकुशल बच कर नहीं निकल सकता था।

अमित शाह ने भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि चुनाव के पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है। सातवें चरण के बाद 300 से ज्यादा सीटें जीतकर हम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बनाने जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब तक चुनाव के 6 चरण समाप्त हो चुके हैं और इनमें सिवाय बंगाल के, कहीं भी हिंसा नहीं हुई। मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है। कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई। इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है।’’ भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना हुआ है जबकि उसे तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

शाह ने कहा, ‘‘मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग वहां चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।’’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अब बंगाल की जनता ममता जी को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।’’ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे रोड शो से पहले ही वहां लगे भाजपा के पोस्टर फाड़ दिए गए। रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। करीब ढाई घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला।’’ शाह ने कहा कि इसके बाद 3 बार हमले किये गए और तीसरे हमले में तोड़फोड़ और आगजनी हुई।

ममता बनर्जी ने बदली DP

वहीं, हिंसा में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा टूटने का मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित टीएमसी के कई नेताओं ने फेसबुक और ट्विटर पर अपनी डीपी (प्रोफाइल पिक्चर) बदलकर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की फोटो लगा ली है। ममता बनर्जी ने हिंसा के बाद फेसबुक और ट्विटर पर अपनी डीपी बदलकर उसकी जगह ईश्वर चंद्र विद्यासगर की तस्वीर लगा ली है। वहीं, ममता के अलावा टीएमसी के करीब सारे बड़े नेताओं ने सोशल साइट पर डीपी के तौर पर ईश्वरचंद्र विद्यासगर की तस्वीर लगा ली है। इसके जरिए टीएमसी ने बीजेपी को घेरने के लिए इस मुद्दे को बंगाल के सम्मान से जोड़ दिया है। इसके साथ ही टीएमसी आज इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन भी कर ही है।

बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के शहर में मंगलवार को हुए विशाल रोड शो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी झड़प के दौरान तोड़ दी गई। मंगलवार को ममता बनर्जी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शाह को “गुंडा” बताया। उन्होंने बेहाला की रैली में कहा, “अगर आप विद्यासागर तक हाथ ले जाते हैं तो मैं आपको गुंडे के अलावा क्या कहूंगी।” उन्होंने कहा, “मुझे आपकी विचारधारा से घृणा है, मुझे आपके तरीकों से नफरत है।” फिलहाल, एकतरफ जहां टीएमसी इस हिंसा का आरोप बीजेपी पर लगा रही है तो वहीं बीजेपी इस हिंसा के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार बता रही है।

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