कठुआ गैंगरेप-हत्या मामले में BJP प्रवक्ता का शर्मनाक बयान सुनकर अचंभित हुए एंकर, 8 साल की आसिफा के साथ हुई दरिंदगी से सदमे में बॉलीवुड

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या का मामला राज्य में लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कठुआ के हीरानगर तहसील के रसाना गांव में इसी साल की शुरूआत में जनवरी महीने में आठ साल की बच्ची आसिफा का अपहरण कर उसके साथ एक मंदिर में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई।बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में स्थानीय लोगों समेत अब तमाम बड़ी हस्तियों का भी गुस्सा देखने को मिल रहा है। लड़की से बर्बर सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद हत्या मामले में 9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केस के आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। चार्जशीट की मानें तो आरोपियों की बर्बरता हैरान करने वाली है। बच्ची को नशीली दवाएं पिलाकर बार-बार रेप किया गया। एक पुलिस अधिकारी का नाम भी आरोपियों में शामिल है।

BJP प्रवक्ता का शर्मनाक तर्क

बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है। लोगों ने इसे समाज के लिए शर्मनाक करार दिया है और तत्काल न्याय की मांग की है। यही नहीं इस मामले को सांप्रदायिक रंग दिए जाने पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं। वहीं बीजेपी प्रवक्ता इस मामले को सांप्रदायिक रंग देते हुए अजीबोगरीब तर्क पेश कर रहे हैं।

इंडिया टुडे पर चर्चा के दौरान चैनल के एंकर राजदीप सरदेसाई ने जब बीजेपी प्रवक्ता से पूछा कि आप पीडीपी के साथ सरकार में हैं, पुलिस आपकी है…क्या आपको खुद की सरकार पर भरोसा नहीं है? राजदीप सरदेसाई ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता और आपके मंत्री ‘हिंदू एकता मंच’ जो आरोपियों का समर्थन कर रही है उसके साथ खड़े होकर ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ बोलते हैं। आखिर क्यों?

इसके जवाब में राज्य बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने अपने ही सरकार के जांच एजेंसियों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि हमें SIT पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम बस चाहते हैं कि इस मामले की जांच CBI करे। इतना ही नहीं बीजेपी प्रवक्ता ने मीडिया पर ही सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगा दिया।

सेठी ने कहा कि जब दिल्ली में निर्भया कांड हुआ था तब किसी को उसका असली नाम नहीं पता था और ना ही उसका चेहरा दिखाया गया था, लेकिन आसिफा के मामले को आप (मीडिया) सांप्रदायिक बना रहे हैं। यह एक क्राइम (अपराध) है। बीजेपी प्रवक्ता का यह शर्मनाक तर्क सुनकर एंकर राजदीप सहित चैनल पर मौजूद अन्य मेहमान हैरान हो गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बीजेपी प्रवक्ता पर निशाना साध रहे हैं।

Justice for Asifa

A new low. Just watch the statement made by BJP spokesperson.

Posted by Rifat Jawaid on Thursday, 12 April 2018

मुस्लिमों को इलाके से खदेड़ने के लिए आरोपी ने बनाया था वारदात का प्लान

बता दें कि बीजेपी प्रवक्ता जिस प्रकार से कठुआ गैंगरेप कांड को दिल्ली के निर्भया से तुलना कर रहे हैं वह सरासर गलत है, क्योंकि निर्भया कांड धार्मिक आधार पर नहीं हुआ था, जबकि कठुआ गैंगरेप पूरी तरह से सुनियोजित तरीके से धार्मिक आधार पर की गई एक सोची समझी साजिश थी। चार्जशीट में यह बात भी सामने आई है कि वारदात के मास्टरमाइंड रिटायर्ड राजस्व अधिकारी संजी राम ने बकरवाल समुदाय के मुसलमानों को इलाके से बाहर खदेड़ने के लिए इस घिनौने अपराध के लिए अपने भतीजे और अन्य 6 लोगों को उकसाया था।

संजी राम ने बकरवाल समुदाय के खिलाफ जानवरों को चराने के लिए जमीन नहीं देने के लिए हिंदुओं को उकसाया था।चार्जशीट में कहा गया है कि तहसील में हिंदू समुदाय के बीच आम धारणा थी कि बकरवाल गाय की हत्या और नशीले पदार्थों की तस्करी करने में लगे हैं। इससे उनके समुदाय के लोग नशे के शिकार हो रहे हैं। आरोप पत्र में कहा गया कि इसके चलते हिंदू बकरवाल समुदाय के लोगों को धमकाते थे। संजी राम दोनों समुदायों के बीच समझौते के खिलाफ था। वह हिंदुओं से कहता था कि बकरवाल समुदाय को भगाने के लिए एक रणनीति तैयार करें। इलाके में दोनों समुदायों के बीच तनाव की वजह से एफआईआर दर्ज कराने के मामले तेजी से बढ़े हैं।

मासूम के साथ दरिंदगी से बॉलीवुड हैरान

आठ साल की बच्ची के गैंगरेप और हत्या के तीन महीने बाद इस घटना को लेकर देशभर में हंगामा मचा हुआ है। सिर्फ राजनीतिक पार्टियां ही नहीं, बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी इस घटना का विरोध करते हुए ‘जस्टिस फॉस आसिफा’ (आसिफा के लिए न्याय) मुहिम से जुड़े हैं। लेखक फरहान अख्तर, अभिनेता अभिषेक बच्चन, जावेद अख्तर, रितेश देशमुख, अभिनेत्री सोनम कपूर, वीर दास, तमन्ना भाटिया, टिस्का चोपड़ा और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा समेत कई हस्तियों ने इसे समाज के लिए शर्मनाक करार दिया है और तत्काल न्याय की मांग की है।

यही नहीं इस मामले को सांप्रदायिक रंग दिए जाने पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं। इस दर्दनाक मामले में अभिनेता फरहान अख्तर ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए 8 वर्षीय बच्ची के लिए न्याय की मांग की है। अभिनेता ने ट्विटर पर लिखा, “कल्पना कीजिए उस 8 साल की बच्ची के दिमाग में क्या चल रहा होगा, जिसे नशे की हालत में, बंधी बनाकर, कई दिनों तक बलात्कार और फिर हत्या कर दी गई हो। यदि आप उसे आतंक नहीं मानते हैं, तो आप इंसान नहीं हैं। यदि आप उसके लिए न्याय की मांग नहीं करते हैं, तो आप कुछ भी नहीं हैं।”

क्या है मामला?

अदालत में दाखिल आरोपपत्र के मुताबिक बच्ची को अगवा करके एक मंदिर परिसर में रखा गया था। वहां उसे बार-बार नशा दिया गया। उसके साथ कई बार गैंगरेप किया गया। पीड़िता के पिता ने 12 जनवरी 2018 को हीरानगर पुलिस स्टेशन में अपने बच्ची के लापता होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी आठ वर्षीय बच्ची 10 जनवरी को घोड़ों को चराने के लिए गई, तबसे वापस नहीं लौटी।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके बच्ची की तलाश शुरू कर दी। 17 जनवरी को लापता बच्ची का शव जंगल के पास से बरामद किया गया था। 23 जनवरी को राज्य सरकार ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी थी। इसके बाद से ही इलाके में राजनीतिक उथल पुथल मची हुई है। आरोप है कि मुख्य आरोपी संजी राम पर कठुआ से अल्पसंख्यक बकरवाल मुस्लिम समुदाय के लोगों को भगाने के लिए यह साजिश रची थी।

8 साल की आसिफा सात दिन तक भूख से तड़पती, नशीली दवाओं से सुन्न पड़ी रही। कई दिनों तक उसके साथ कई बार गैंगरेप हुआ। पहले दुपट्टे से उसका गला घोंटा गया और अंत में सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। यह दिल दहला देने वाली घटना एक मंदिर में हुई। यह मामला यही नहीं खत्म होती है। गैंगरेप का मास्टरमाइंड उसी धार्मिक स्थल का केयरटेकर है जो की राजस्व अधिकारी रह चुका है।

उसने अपने बेटे और भतीजे को इस जघन्य घटना में शामिल किया और धीरे-धीरे पुलिस भी इसमें शामिल हो गई। इतना ही नहीं इस सामूहिक बलात्कार मामले में जम्मू कश्मीर का एक स्पेशल पुलिस अधिकारी भी शामिल है। बात अब भी खत्म नहीं होती। इस पूरे मामले में आरोपियों को बचाने के लिए हिंदू संगठन के लोग सामने आ गए हैं और बकायदा एक मोर्चा बन गया है, जो आरोपियों को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

चार्जशीट के मुताबिक, मासूम का सिर पत्थर से कुचले जाने से ठीक पहले पुलिस अधिकारियों में से एक ने हत्यारे से कुछ देर रुकने के लिए कहा, ताकि वह एक बार और बच्ची के साथ रेप कर सके। बलात्कारियों में से एक को उत्तर प्रदेश के मेरठ से खासतौर से बुलाया गया था, ताकि वह अपनी ‘हवस पूरी कर सके। मुख्य अभियुक्त संजीराम ने इस अपराध की साजिश रची थी, ताकि बखेरवाल बंजारा समुदाय के लोगों में डर पैदा किया जा सके और उन्हें रसाना क्षेत्र से खदेड़ा जा सके।

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