‘कांग्रेस मुक्त भारत के चक्कर में कही BJP मुक्त न हो जाए देश’

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अहमद पटेल
file photo : PTI

गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव में अब तक के सबसे तगड़े मुकाबले में कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने आखिरकार जीत हासिल कर ली। पटेल ने बीजेपी के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत को हरा दिया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव पटेल को 44 वोट मिले, जबकि राजपूत को 38 वोटों से संतोष करना पड़ा। बता दें कि राजपूत राज्य विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे, लेकिन हाल ही में वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।

(Photo : PTI)

अहमद पटेल के अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इन चुनावों में जीतकर पहली बार राज्यसभा में प्रवेश किया है। उनके साथ मौजूदा राज्यसभा सदस्य और सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने भी अपनी जगह बरकरार रखी है। दोनों को 46-46 वोट मिले हैं। एक वक्त तो लगा कि अमित शाह ने मानो पटेल को हराने की ठान रखी है। लेकिन चुनावी नतीजों के बाद इस लड़ाई में कांग्रेस ही विजेता बनकर उभरी।

इस जीत से उत्साहित अहमद पटेल ने मंगलवार(9 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सत्तारूढ बीजेपी को देखना चाहिए कि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ बनाने के चक्कर में कही देश ‘बीजेपी मुक्त’ न हो जाए। न्यूज एजेंसी वार्ता के मुताबिक, अपनी जीत के बाद तडके पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी को हर हथकंडे अपनाने के बाद भी मिली इस पराजय से सीख लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल सत्ता बल के दम पर सच को पराजित नहीं किया जा सकता। कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाली बीजेपी को समझना चाहिए कि ऐसा करते-करते कही देश बीजेपी मुक्त न हो जाए। पटेल ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत से चुनाव लडे हैं, लेकिन यह सबसे मुश्किल था। उन्होंने कहा कि यह जीत कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंक दी है।

‘सत्यमेव जयते’

वहीं, जीत के बाद कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के सलाहकार अहमद पटेल ट्वीट करते हुए कहा- सत्यमेव जयते। उन्होंने आगे लिखा, यह केवल मेरी जीत नहीं है। यह धनबल, बाहुबल के धड़ल्ले से इस्तेमाल और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग की हार है।

उन्होंने कहा कि मैं खुश हूं और अपनी पार्टी के नेतृत्व, अपने विधायकों और सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताना चाहता हूं, जिन्होंने एक परिवार की तरह काम किया। यह एक मुश्किल चुनाव था जिसमें हमें जीत मिली। उन्होंने कहा कि बीजेपी की धमकी और दबाव के बाद भी मुझे वोट करने वाले हर एक विधायक का मैं धन्यवाद करता हूं। उन्होंने एक समावेशी भारत के लिए वोट किया।

कांग्रेस को मिली ‘संजीवनी बूटी’

आपको बता दें कि यह चुनाव वर्तमान राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले अमित शाह और कांग्रेस के ‘चाणक्य’ अहमद पटेल की साख के लिए सवाल बनकर खड़े थे, जिसमें फिलहाल अहमद पटेल बाजीगर बनकर निकले हैं। इस चुनाव में अहमद पटेल को हराने के लिए बीजेपी ने पूरा जोर लगाया हुआ था, लेकिन उसके सारे प्रयास फेल रहे। अगर मनोबल के लिहाज से देखें तो कांग्रेस को इसका काफी फायदा मिलेगा।

अन्य राज्यसभा चुनावों की तरह यह चुनाव भी भले ही सामान्य हो, लेकिन राज्य की सियासत के हिसाब से देखें तो बड़े मायने रखती है। क्योंकि गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस हिसाब से देखें तो उसके लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं है। पटेल की इस जीत ने पार्टी के अंदर एक उम्मीद जरूर जगाई है। कांग्रेस के लिए ये जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी, क्योंकि कांग्रेस लंबे अरसे से बैकफुट पर चल रही है।

अहमद पटेल की जीत से कांग्रेस पार्टी को अपनी कमियों को दूर करने का एक अच्छा अवसर मिल गया है। अगर कांग्रेस को इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत के सपने को साकार करना चाहती है तो उसे नींद से जागना होगा और पटेल की जीत से पार्टी को मिली इस ऊर्जा को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाना होगा।

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