सेना में जवानों की कमी और तेल-गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर बीजेपी के इस दिग्गज सांसद ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में पार्टी लाइन से अलग अपने बयानों को लेकर हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले अभिनेता से राजनेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पटना साहिब से बीजेपी सांसद ने इस बार सेना में जवानों की कमी और तेल-गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आखिर इन सब हालात में सरकार अपने कैबिनेट के वेतन और भत्ते के आकार में कमी क्यों नहीं करतीं।

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बता दें कि कुछ दिनों ऐसी ख़बरे आईं थी जिसमें कथित-तौर पर कहा गया था कि भारतीय सेना में बड़े पैमाने पर कटौती होनी है। बड़े हथियारों की ख़रीद के लिए डेढ़ लाख नौकरियां खत्म करने की कवायद चल रही है। जिसके पीछे तर्क दिया गया कि सेना में कॉस्टकटिंग से 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये की बचत होगी, जिससे हथियार खरीदे जाएंगे। खर्च घटाने के साथ अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए पैसा जुटाने की मंशा से यह कदम उठाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय सेना के कुल 1.2 लाख करोड़ के बजट में से 83 प्रतिशत उसके राजस्व खर्च और वेतन सहित कई अन्य मद में निपट जाता है। सेना को मिलने वाले बजट का सिर्फ 17 प्रतिशत यानी 26,826 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्चों के लिए जाता है और इससे सेना पूरी तरह खुश नहीं है। आने वाले समय में नौकरी में कटौती के बाद इससे बचने करीब 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये बचेंगे जिससे हथियार खरीदे जाएंगे। इससे सेना के पास 31,826 से 33,826 करोड़ रुपये तक हो जाएंगे।

इसी खबरों पर सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बुधवार(12 सितंबर) को मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी की। बता दें कि, यह कोई पहली बार नहीं है शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी सरकार पर निशाना साधा हो। वह कई मुद्दों पर पार्टी और पीएम मोदी की आलोचना करते रहें है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, “तेल की कीमतों के बढ़ने के इस दौर में LPG सिलिंडर आठ सौ रुपये हो चुका है। इस योग्य सरकार के सत्ता में आने के बाद यह दोगुनी कीमत है, डॉलर भी शतक लगाने की ओर है। अब राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता…? यह निराशाजनक है। आखिर क्यों नहीं सरकार अपने कैबिनेट के वेतन-भत्ते का आकार कम करती।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “भारतीय सेना, दुनिया में अपने पेशेवराना तेवर और समर्पण के लिए जानी जाती है। इस नाते सेना का आकार घटाने का फैसला तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित होना चाहिए।” अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “हमें अपनी सशस्त्र सेना पर गर्व है., जो दनिया की पांच बड़ी सेनाओं में से एक है। लागत कम करने के नाम पर सैनिकों की कटौती करने की खबरें आपत्तिजनक हैं।”

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