पश्चिम बंगाल: BJP सांसद सौमित्र खान के बिगड़े बोल, कहा- CAA का विरोध करने वाले कलाकार ममता बनर्जी के ‘कुत्ते’

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जमकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है। इस बीच, भाजपा सांसद सौमित्र खान ने रविवार को उन सभी मशहूर हस्तियों को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का “कुत्ता” करार दिया जो सीएए का विरोध कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल
फाइल फोटो: भाजपा सांसद सौमित्र खान

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा चुनावों से पहले 2019 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सौमित्र खान ने संवाददाताओं से कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी के बारे में तथ्यों को जानने के बावजूद प्रख्यात लोग अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। लोकसभा में बिष्णुपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले खान ने कहा, ‘‘जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे ममता बनर्जी के कुत्ते हैं।”

उन्होंने कहा कि यही लोग कामदूनी और पार्क स्ट्रीट में हुए सामूहिक बलात्कार पर चुप रहे और बम विस्फोट की घटनाओं पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में राज्य के अभिनेताओं, निर्देशकों और संगीतकारों ने रैलियों में हिस्सा लिया। बता दें कि, सीएए और एनआरसी के खिलाफ एक वीडियो में भी वे एक साथ दिखे और कहा कि केंद्र सरकार अगर नागरिकता पर फिर से सबूत मांगती है तो वे कोई दस्तावेज नहीं दिखाएंगे।

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने शनिवार को कहा था कि, ‘इन दिनों पश्चिम बंगाल में कई बुद्धिजीवी हैं जो लोगों को दिन भर ज्ञान देते हैं और हंगामा करते हैं। माकपा ने इन लोगों को सड़कों पर लाकर बुद्धिजीवी बनाया और अब दीदीमोनी (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने उन्हें पैदा करने की फैक्टरी लगा ली है।’ साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता सुबोध सरकार ने कहा, ‘यह भाजपा की वास्तविक भाषा है, अब लोगों को निर्णय करना है।’

बता दें कि, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जमकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है। इस प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में हिंसात्मक घटनाएं भी हुईं, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। नागरिकता संशोधन कानून का कांग्रेस, टीएमसी समेत लगभग सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों और विपक्षी दलों की मांग है कि, सरकार यह कानून वापस ले।

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