BJP सांसद ने कहा- देवेंद्र फडणवीस की सरकार में बढ़ रही है किसानों की आत्महत्याएं

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महाराष्ट्र में भाजपा के एक सांसद नाना पटोले ने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के तहत महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र की ही बीजेपी सरकार पर उनकी ये सनसनीखेज आलोचना ऐसे समय में आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर नोटबंदी के असफल होने और गिरती विकास दर के बाद सवालिया निशान लगने शुरू हो चुके है।

BJP सांसद

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार उन्होंने कहा कि राज्य में पहले भी किसान आत्महत्या करते रहे थे लेकिन इन तीन वर्षों में ये संख्या बढ़ी है। पटोले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़े पदो पर बैठे लोग जनता के प्रति जागरूक होते हैं। राज्य के शीर्ष पर बैठे हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मेरे मित्र है और मुझे इस बात का गर्व है लेकिन अगर मित्र गलती करता है तो उसे बताना मैं अपना कर्तव्य मानता हूं। उन्हें सुधार और लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए।

इस पर आगे बोलते हुए बीजेपी सांसद ने किसानों के लिए ऋण माफी पर विपक्ष की मांग का समर्थन किया, उन्होंने कहा कि कृषि ऋण माफी योजना से जुड़ी स्थितियां अन्यायपूर्ण थीं।

सांसद नाना पटोले ने यह भी कहा कि उन्होंने बुधवार को राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील द्वारा कि गई ‘अत्यंत असंवेदनशील’ और ‘अनुचित टिप्पणी’ पर मुख्यमंत्री फड़नवीस के साथ बैठक के दौरान अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।

भंडारा गोंदिया सीट से सांसद पटोले ने कहा- एक मंत्री ऐसी असंवेदनशील और निराधार टिप्पणियां को कैसे दे सकता है? ऋण (माफी) के लिए उनका (सरकारी) ऑनलाइन पोर्टल आवेदन स्वीकार कर रहा है। इसमें क्यों फर्जी दावेदारों के आवेदनों को स्वीकार करने की इजाजत थी? इसके अलावा आवेदनों की छानबीन अभी शुरू नहीं हुई है अगर ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी की जाती है, तो नाना पातोले चुप नहीं रहेंगे। यह मुझे क्रोधित करता है।

जबकि इससे पूर्व मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए पटोले ने कहा था कि ऋण माफी की घोषणा के बावजूद किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं, जबकि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर ‘‘असंवेदनशील’’ है। पटोले का कहना है कि मैं जानना चाहूंगा कि एक महीने पहले प्रदेश सरकार की ओर से ऋण माफी की घोषणा के बाद क्या हाल-फिलहाल में किसानों की आत्महत्या के मामलों में कमी आई है? इसका साफ मतलब है कि ऋण माफी योजना में कई समस्याएं हैं और इसे सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है।

Janta Ka Reporter

 

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