VIDEO: BJP सांसद रमेश बिधूड़ी बोले- कनाडा, पाकिस्तान के पैसे से किसानों को फोकट में मिल रहा है खाना

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से पार्टी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उनके इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। अपने इस बयान को लेकर रमेश बिधूड़ी आम आदमी पार्टी (आप) के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं, लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।

रमेश बिधूड़ी

वायरल हो रहे वीडियो में एक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी कह रहे है, “देश में 80 करोड़ किसान हैं और बार्डरों पर 500 किसान, एक हजार किसान, डेढ़ हजार किसान बैठे हैं। ये सब के सब कनाडा से आए पैसों, पाकिस्तान से आए पैसों को लेकर बैठे हैं। वे इसलिए बैठे हैं क्योंकि फोकट के पैसों से बढ़िया खाना मिल रहा है, गर्म पानी मिल रहा है, रजाई मिल रही हैं, इसलिए बैठे हैं और मोदी को हटाना है।”

आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी को प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ कथित रूप से असंसदीय का इस्तेमाल करने को लेकर पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। आप विधायक राघव चड्ढा ने कहा, मैं प्रधानमंत्री से बिधूड़ी को पार्टी से निष्कासित करने की मांग करना चाहूंगा।

उल्लेखनीय है कि, तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की अपनी मांग को लेकर किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार सितंबर में पारित तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे। सरकार ने बार-बार दोहराया है कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था कायम रहेगी और उसने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

किसान संगठन इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर हरे हैं जबकि सरकार इनमें किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को शामिल कर संशोधन का प्रस्ताव दे चुकी है। मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को लगभग हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। विरोध कर रहे किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के साथ-साथ अपनी सहयोगी पार्टियों के भी निशाने पर आ गई है।

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