सड़क दुर्घटना में घायल मुस्लिम परिवार को तड़पता देख BJP विधायक ने अस्पताल पहुंचा कर बचाई जान

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आपने अक्सर देखा होगा कि सड़क दुर्घटना में घायल इंसान की मदद के लिए कोई जल्दी आगे नहीं आता है। लेकिन लोग उसकी मदद करने की बजाय घटना का वीडियो या फिर फोटो लेने से नहीं चूकते है। जिस कारण सही समय पर इलाज नहीं मिलने से दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान चली जाती है।

मुस्लिम परिवार
फोटो- आत तक (सड़क दुर्घटना में घायल मुस्लिम परिवार की मदद करते हुए बीजेपी विधायक)

लेकिन ऐसे में उत्तर प्रदेश के एटा सदर विधानसभा से बीजेपी विधायक ने मिसाल पेश की है जो ओर लोगों को कई सीख दे सकती है। बीजेपी विधायक विपिन वर्मा डेविड ने भीषण सड़क हादसे में तड़पते हुए इंसान की मदद के लिए आगे आए और सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल मुस्लिम परिवार को खुद उठवा कर अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मुस्लिम परिवार का एक्सीडेंट हो गया था। दुर्घटना के बाद परिवार सड़क पर पड़ा तड़प रहा था, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। इस दौरान वहां से गुजर रहें बीजेपी विधायक ने उस परिवार की मदद की।

यह घटना सोमवार को दोपहर को उन्नाव जिले के हसनगंज पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले अलियारपुर पिलखाना गांव के करीब का है। ख़बर के मुताबिक, विधायक आगरा से लखनऊ विधानसभा के लिए निकल रहे थे, उसी दौरान उन्हें एक जगह पर सड़क के किनारे भीड़ जमा हुई देखी। जिसके बाद उन्होंने गाड़ी रुकवाई और मामला जानने की कोशिश की।

(सड़क दुर्घटना में घायल मुस्लिम परिवार की मदद करते हुए बीजेपी विधायक)

उन्होंने अपनी सारी मीटिंग्स छोड़ दी और तीन घंटे से ज्यादा समय तक घायल परिवार की मदद की। वहीं, विधायक ने कहा, मेरे लिए वह सिर्फ इंसान थे। यह मायने नहीं रखता कि वह हिंदू या मुसलमान थे। एक इंसान होने के नाते उनकी जान बचाना मेरा कर्तव्य था। साथ ही उन्होंने कहा कि- मैं क्या, मेरी जगह कोई भी होता तो इस परिस्थिति में यही करता।

बता दें कि, अभी हल में महाराष्ट्र के पुणे में एक युवक की जान बस इस वजह से चली गई क्योंकि वक्त रहते उसे मेडिकल सहायता नहीं मिली। 25 साल का एक आईटी इंजीनियर फोर व्हीलर की टक्कर से घायल होकर खून से लथपथ सड़क पर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन लोग उसकी मदद करने की बजाय फोटो खींचते रहे और वीडियो बनाते रहे और आख़िरकार युवक ने दम तोड़ दिया।

काफी देर बाद वहां से गुजर रहे एक डाॅक्टर ने उसे एक ऑटो वाले की मदद से यशवंतराव चवन मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन शायद जब तक इलाज में बहुत देरी हो चुकी हो थी और अस्पताल ने इस शख्स को मृत घोषित कर दिया।

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