VIDEO: BJP विधायक ने किया CAA का विरोध, कहा- धर्म के नाम पर नही होना चाहिए देश का बंटवारा

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जमकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे है। इस बीच, मध्य प्रदेश की मैहर विधानसभा सीट के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक नारायण त्रिपाठी ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध करते हुए कहा है कि सीएए से देश में गृहयुद्ध जैसी स्थितियां बन रही हैं, जो देश के लिए घातक है। उन्होंने अपनी ही पार्टी पर सीएए लागू करके देश को धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा को भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान को फाड़कर फेंक देना चाहिए और एक अलग से संविधान बनाकर उसके तहत देश को चलाना चाहिए।

विधायक

मीडिया से बातचीत में नारायण त्रिपाठी ने कहा, ‘जब मैंने महसूस किया तो मैंने सीएए का विरोध किया। ये (मेरे विधानसभा क्षेत्र) मैहर की ही नहीं, हर जगह की स्थिति है। आज हमारे हिंदुस्तान के हर गली-मोहल्ले में गृहयुद्ध जैसी स्थितियां हैं। यह देश के लिए घातक है।’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वह भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाने का विचार कर रहे हैं, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरा कांग्रेस में जाने का कोई मन नहीं है। न भाजपा से अलग होने का मामला है यह। यह मेरा अपना व्यक्तिगत विचार है। जो मैंने अनुभव किया, महसूस किया और देखा है… उसके आधार पर बात कर रहा हूं।’

विधायक त्रिपाठी ने आगे कहा, ‘सीएए से केवल भाजपा को वोट का फायदा हो रहा है। देश को और कोई फायदा नहीं है।’ उन्होंने उदाहरण देकर अपनी बात समझाते हुए कहा कि कि मैहर के खरोंधी गांव के यज्ञनारायण शुक्ला परिवार कहना है कि सीएए आने के बाद स्थिति ऐसी बिगड़ गई है कि पड़ोसी भठिया गांव के जो मुसलमान पहले उन्हें उनके गांव जाने पर खड़े होकर पंडितजी पायलागू कहते थे, अब वे महीने-दो महीने से हमें देखते भी नहीं हैं।

भाजपा पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए नारायण त्रिपाठी ने कहा, ‘सीएए तो आप (भाजपा) ले आए। या तो भीमराव आंबेडकर के संविधान को फाड़कर फिंकवा दो आप। या फिर भाजपा का एक अलग से संविधान बन जाए और उस संविधान के तहत देश को चलाएं। यदि उसको (आंबेडकर के संविधान को) मानते हैं तो भीमराव आंबेडकर ने कहा है कि यहां सभी धर्म के लोग रहेंगे और हिंदुस्तान चलेगा। संविधान में धर्म के नाम पर और नागरिकता के नाम पर देश का बंटवारा नहीं हो सकता।’

उन्होंने कहा कि आप (भाजपा) एकता एवं अखंडता की बात करते हैं और आग लगवाने का काम करते हैं। राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर नारायण त्रिपाठी ने कहा कि जब गांव का आदमी राशन कार्ड बनाने तक में सक्षम नहीं हैं तो वह अपनी नागरिकता कैसे सिद्ध करेगा।

बता दें कि, पिछले साल 28 जुलाई को भाजपा को उस वक्त करारा झटका लगा था, जब मध्य प्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मत विभाजन के दौरान उसके दो विधायकों- नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने अपना समर्थन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार को दे दिया था। ढाई महीने बाद त्रिपाठी ने कहा था कि वह भाजपा में थे, भाजपा में हैं और भाजपा में रहेंगे।

गौरतलब है कि, देश भर में नागरिकात संशोधन कानून का विरोध जारी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि केंद्र की मोदी सरकार इस कानून को वापस ले। लेकिन मोदी सरकार अड़ी हुई है। न तो वह इस कानून को वापस ले रही है और न इसमें कोई बदलवा करने को तैयार है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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