राष्ट्रपति चुनाव को लेकर BJP में फूट, कोविंद के खिलाफ मतदान करेंगे गुजरात के विधायक नलिन कोटडिया

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देश के अगले राष्ट्रपति के लिए आज(17 जुलाई) मतदान शुरू हो गया है। संसद भवन और राज्य की विधानसभाओं में मतदान सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच मुकाबला है।

(तस्वीर- फेसबुक)

वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी। इसी दिन नतीजों का भी ऐलान होगा। कोविंद की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इस बीच राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) में फूट पड़ता दिखाई दे रहा है। जी हां, बीजेपी के एक विधायक ने खुलेआम एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट न देने का एलान किया है।

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खास बात यह है कि कि ये विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के गृह प्रदेश गुजरात के हैं। जहां, इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी विधायक की तरफ से इस तरह का बयान देना पार्टी के लिए राज्य में मुसीबत खड़ी कर सकता है।

बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले इस विधायक का नाम है नलिन कोटडिया, जो गुजरात के धारी विधानसभा से बीजेपी विधायक हैं। ABP न्यूज़ से खास बातचीत में बीजेपी विधायक नलिन कोटडिया ने कहा कि, ’मैं बीजेपी को वोट नहीं दूंगा, क्योंकि बीजेपी की गुजरात सरकार ने हमारे पाटीदार समाज के 14 लोगों की हत्या की है और हमारी जो मांग है उसे पूरा नहीं किया है। इसलिए मैं बीजेपी के खिलाफ मतदान करूंगा।’

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रिपोर्टर द्वारा पार्टी की तरफ से कार्रवाई किए जाने के सवाल पर विधायक ने कहा कि, ‘पार्टी को अगर मेरी खिलाफ कार्रवाई करनी थी तो दो साल पहले कर सकती थी। अगर पार्टी अब भी मुझे बर्खास्त कर देगी तो मुझे कोई परवाह नहीं है।’ जब कोटडिया से पूछा गया कि वह रामनाथ कोविंद के खिलाफ हैं या बीजेपी के? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी के खिलाफ हूं।

25 जुलाई को पदभार संभालेंगे नए राष्ट्रपति

बता दें कि नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार संभाल लेंगे। इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के साथ ही राज्य विधानसभाओं के सदस्य भी मतदाता होते हैं। जहां एक सांसद के वोट की कीमत 708 होती है, तो वहीं विधायकों के वोट की कीमत अलग-अलग राज्य के आधार पर बंटी होती है। यह निर्धारण उस राज्य विशेष की जनसंख्या के आधार पर होता है।

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मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है। अब तक मुखर्जी समेत 13 लोग इस पद पर रह चुके हैं। इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता, जिनमें 4120 विधायक और 776 सांसद शामिल हैं, अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते।

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