गुजरात में बेशक BJP जीती, लेकिन PM मोदी के गृहनगर में मिली हार

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात में बेशक सत्ता पर काबिज बने रहने में जरूर सफलता हासिल कर ली है, लेकिन वह मेहसाणा जिले की दो विधानसभा सीटों में कांग्रेस के हाथों हार गई है जिनमें से एक उंझा विधानसभा भी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर वडनगर शामिल है।

PHOTO: (MARK SCHIEFELBEIN/AFP/Getty Images)

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा बेचराजी सीट पर भी बीजेपी के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। उंझा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार आशा पटेल ने बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक नारायण पटेल को 19000 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दिग्गज नेता पटेल (79 वर्ष) ने 40 वर्षीय आशा पटेल को हराया था।

इसी तरह बेचराजी सीट पर कांग्रेस के भरतजी सोनाजी ठाकोर ने बीजेपी के रजनीकांत सोमाभाई पटेल को 15811 मतों के बड़े अंतर से हराया, जबकि पिछले चुनावों में बीजेपी के रजनीकांत पटेल ही यहां से विधायक निर्वाचित हुए थे। इस बार पटेल आरक्षण आंदोलन तथा ठाकोर समुदाय का झुकाव कांग्रेस की ओर बढ़ने के बाद तस्वीर बदल गई है।

उंझा के कुल 2.12 लाख मतदाताओं में 77 हजार पाटीदार हैं वहीं करीब 50 हजार मतदाता ठाकोर समुदाय से आते हैं। उंझा को उमिया माता मंदिर के लिए भी जाना जाता है जो कड़वा पटेल समुदाय की कुलदेवी हैं। वडनगर में मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों ने ही रैलियां की थीं। इसके अलावा गुजरात की मौजूदा बीजेपी सरकार के पांच मंत्रियों को इन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।

गुजरात-हिमाचल में ‘मोदी मैजिक’

बता दें कि जरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में एक बार फिर ‘ब्रांड मोदी’ का असर दिखा। इसकी बदौलत भाजपा जहां गुजरात में अपनी सरकार बचाने में सफल रही, वहीं हिमाचल प्रदेश की सत्ता कांग्रेस से छीन ली है। गुजरात की 182 सीटों में से भाजपा को 99 पर जीत मिली है। कांग्रेस ने सहयोगी दलों के साथ यहां 80 सीटें जीती हैं। भाजपा लगातार छठी बार गुजरात में सरकार बनाएगी।

कांग्रेस बहुमत से काफी पीछे है लेकिन राहुल गांधी के सघन प्रचार अभियान और हार्दिक पटेल के साथ से कांग्रेस को फायदा मिलता दिख रहा है। वर्ष 2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 182 सीटों वाली सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 115, कांग्रेस को 61 और अन्य दलों को छह सीटों पर जीत मिली थी।

उधर हिमाचल प्रदेश में हर 5 साल बाद सत्ता में परिवर्तन का क्रम जारी रहा और कांग्रेस की जगह एक बार फिर बीजेपी सरकार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आ रही है। 68 सीटों वाली हिमाचल विधानसभा में पार्टी को 44 सीटें मिली हैं वहीं कांग्रेस 21 सीट पर सिमट कर रह गई है। हालांकि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर से चुनाव हार गए हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 36 और भाजपा को 26 सीटें मिली थीं।

 

 

 

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