अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की PM मोदी की अपील के बाद BJP पुस्तकालय कुरान को भी मिली जगह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की अपील की थी। पीएम मोदी के इस अपील का सकारात्मक परिणाम भी सामने आने शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री के अपील के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उत्तराखंड मुख्यालय में मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ कुरान को रखा गया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद संसद के सेंट्रल हॉल में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में अल्पसंख्यकों का भी जिक्र किया था और भाजपा व राजग के सभी सांसदों को नसीहत भी दी थी।

A Muslim man waves an Indian flag during a march to celebrate India’s Independence Day in Ahmedabad, India, August 15, 2016. REUTERS/Amit Dave

पीएम मोदी ने सभी नवनिर्वाचित सांसदों से बिना भेदभाव के काम करने को भी कहा था। उन्होंने कहा था कि जैसा गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश के अल्पसंख्यकों के साथ हुआ है। 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी छेदना है। हमें विश्वास जीतना है।

पीएम मोदी की इस अपील के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, उत्तराखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी शादाब शम्स ने कहा, ‘मैंने सोमवार को अन्य पवित्र किताबों जैसे गीता और बाइबल के साथ ही हिंदी और अंग्रेजी में कुरान की दो प्रतियां रखीं हैं।’ शम्स ने हर समुदाय के लोगों से इस्लाम के बारे में गलतफहमी दूर करने के लिए किताब पढ़ने की अपील की।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने इस पहल का स्वागत किया है। इस पुस्तकालय का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक साल पहले उद्घाटन किया था। शम्स ने हर समुदाय के लोगों से इस्लाम के बारे में गलतफहमी दूर करने के लिए किताब पढ़ने की अपील की। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट ने इस पहल का स्वागत किया है। इस पुस्तकालय का बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने एक साल पहले उद्घाटन किया था।

‘अल्पसंख्यकों को छला गया’

अपने भाषण के आखिर में पीएम मोदी ने अल्पसंख्यकों के साथ हुई वोटबैंक की राजनीति का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, ‘दुर्भाग्य से देश के अल्पसंख्यकों को उस छलावे में भ्रमित और भयभीत रखा गया है, उससे अच्छा होता कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती। 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी छेदना है। हमें विश्वास जीतना है।’

अल्पसंख्यकों का भरोसा और विश्वास जीतने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा, “दुर्भाग्यवश, इस देश के अल्पसंख्यकों को डर के वातावरण में रखा गया है और चुनावों में उनका इस्तेमाल किया गया है।” उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करने की दिशा में काम करने के बजाय उनको गुमराह करने और डराने का काम किया गया है।

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