राफेल डील: राहुल गांधी के खिलाफ BJP नेताओं और मंत्रियों के शर्मनाक बयान, एक ने कांग्रेस अध्यक्ष को बताया ‘मेंटल केस’ तो दूसरे ने राजीव गांधी को बता दिया ‘चोर’

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राफेल सौदे पर शुक्रवार (8 फरवरी) को अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार ‘द हिंदू’ के खुलासे से सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस सहित विपक्षी नेताओं बीच तकरार बढ़ गई है। इस खुलासे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग की। हालांकि, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह गड़े मुर्दे उखाड़ने जैसा है।

राहुल गांधी
REUTERS/Anushree Fadnavis/File Photo

राफेल पर नए खुलासे को लेकर राहुल गांधी द्वारा सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करने के बाद बीजेपी नेता पूरी तरह से बौखला गए हैं और वे कांग्रेस अध्यक्ष पर बेहद आपत्तिजनक बयान देना शुरू कर दिए हैं। अपने विवादास्पद बयानों की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी सांसद और मोदी सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘मेंटल केस’ बता दिया है।

बिहार के नवादा से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने अपने ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है, ‘राहुल गांधी एक मेंटल केस है। उसने सच्चाई छिपाकर जानबूझकर हिंदुस्तान को गुमराह किया है। आइए, खुद भी राफेल की सच्चाई और राहुल के झूठ को समझिए और लोगों को भी मेंटल राहुल के बारे में बताइए।’

वहीं, दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने राहुल गांधी के पिता और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को लेकर एक विवादित ट्वीट किया है। बीजेपी नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए राजीव गांधी को ‘चोर’ करार दे दिया है। बग्गा ने एक विवादित ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘देश मे मच गया शोर है, राहुल का बाप चोर है।’

वहीं, इस विवादास्पद बीजेपी नेता ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है, “मच गया शोर है, चौकीदार प्योर है…राहुल का बात चोर है” इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें कुछ बीजेपी समर्थक ‘राहुल का बाप चोर है’ के नारे लगा रहे हैं। बता दें कि गिरिराज सिंह और बग्गा इसके पहले भी अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहें हैं। सोशल मीडिया पर इन दोनों बीजेपी नेताओं की तीखी आलोचना हो रही है।

केजरीवाल बोले- “प्रधानमंत्री कार्यालय पर छापा मारे ‘स्वतंत्र’ सीबीआई”

‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के बाद मचे सियासी बवाल के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राफेल डील पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि राफेल सौदे के संबंध में ‘स्वतंत्र’ सीबीआई को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) पर छापा मारना चाहिए, फाइलें जब्त करनी चाहिए और गिरफ्तारी करनी चाहिए।

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘राफेल पर आज के खुलासे को देखते हुए ‘स्वतंत्र’ सीबीआई को पीएमओ पर छापा मारना चाहिए, राफेल से जुड़ी सभी फाइलें जब्त कर लेनी चाहिए और गिरफ्तारी करनी चाहिए, जैसे उन्होंने मेरे और कोलकाता के पुलिस आयुक्त के दफ्तर एवं निवास पर छापेमारी की थी।’

राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी राफेल मामले को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला और दावा किया कि मोदी ने सुप्रीम कोर्ट से सबूत छिपाया और अब वह जनता की अदालत में नहीं बच सकते। राहुल ने ‘द हिंदू’ की खबर की पृष्ठभूमि में यह भी आरोप लगाया कि इस विमान सौदे को लेकर मोदी ने फ्रांस के साथ समानांतर बातचीत कर रक्षा मंत्रालय के पक्ष को कमजोर किया और पूरी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए अपने ‘मित्र’ अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का कांट्रैक्ट दिलवाया।

दूसरी तरफ, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण ने शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निहित स्वार्थ से जुड़े तत्वों के हाथों में खेल रहा है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘चौकीदार ने राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट से सबूत छिपाया है। उसके कांड का कच्चा चिट्ठा अब देश देख चुका है। जनता की अदालत में वो बच नहीं सकता।’’

इससे पहले उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान कहा, ‘‘हम यह एक साल से कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री राफेल घोटाले में सीधे तौर पर शामिल हैं। अखबार की रिपोर्ट से साफ है कि प्रधानमंत्री फ्रांस के साथ समानांतर बातचीत कर रहे थे। मैं देश के युवाओं और रक्षा बलों से कहना चाहता हूं कि अब स्पष्ट हो चुका है कि प्रधानमंत्री ने प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए आपके 30 हजार करोड़ रुपये चुराए और अपने मित्र अनिल अंबानी को दे दिए। इसकी जांच होनी चाहिए।’’

राफेल पर नए खुलासे से सनसनी

बता दें कि AAP ने यह हमला शुक्रवार को छपी अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट पर किया है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत एवं फ्रांस के बीच 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के ‘दखल’ पर रक्षा मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय ने इसको लेकर आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने राफेल विमान सौदे को लेकर फ्रांस के साथ समानांतर बातचीत की जिससे इस बातचीत में रक्षा मंत्रालय का पक्ष कमजोर हुआ।

 

 

 

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