BJP नेत्री फातिमा सिद्दीकी ने प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा- ‘मोदी तुझसे बैर नहीं, साध्वी तेरी खैर नहीं’

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मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार और मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयानों से पार्टी के नेताओं में भी नाराजगी बढ़ने लगी है। भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से बीजेपी की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार रह चुकीं फातिमा रसूल सिद्दीकी ने अपनी ही पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फातिमा ने प्रज्ञा पर हमला बोलते हुए प्रचार करने से इनकार कर दिया और नारा दिया, ‘मोदी तुझसे बैर नही, प्रज्ञा तेरी खैर नहीं।’

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा पिछले दिनों अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने और महाराष्ट्र के आतंकियों की गोली से शहीद हुए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे पर की गई टिप्पणी से बीजेपी की नेत्री फातिमा सिद्दीकी नाराज हैं। फातिमा ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर को अपने बयानों पर माफी मांगनी चाहिए। इससे कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

फातिमा ने भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने केंद्र में फिर से बीजेपी की सरकार बनने की उम्मीद जताई, लेकिन नारा दिया- ‘मोदी तुझसे बैर नहीं, प्रज्ञा तेरी खैर नहीं।’ फातिमा से पहले सागर जिले के सुरखी से बीजेपी विधानसभा पारुल साहू ने भी प्रज्ञा ठाकुर के बयानों पर नाराजगी जताई थी।

बता दें कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान पर जारी नोटिस के जवाब को अस्वीकार करते हुए निर्वाचन आयोग ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने एक समाचार चैनल को दिए बयान में कहा था कि उन्हें बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने पर गर्व है। उनके इस बयान पर निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

हेमंत करकरे पर दिया था विवादित बयान

भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही प्रज्ञा अपने बयानों की वजह से पार्टी को मुश्किल में खड़ा कर रही हैं। प्रज्ञा ने इससे पहले मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोली से शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था। मामले के तूल पकड़ने पर उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी भी मांग ली थी।

ठाकुर ने हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा था कि मालेगांव बम धमाके के मामले में गिरफ्तारी के बाद करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके शाप की ही वजह से आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला। ज्ञात हो कि, 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रही हैं। इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही हैं। (आईएएनएस इनपुट के साथ)

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