मोदी सरकार में मंत्री रहे BJP नेता ने श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन पर अमूल के पैसों से धर्मांतरण कराने का लगाया आरोप, लोगों ने लगाई लताड़

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भारत में श्वेत क्रांति के जनक और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वर्गीज कुरियन पर गुजरात के एक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व मंत्री ने अमूल के पैसे से ईसाई संस्थाओं की मदद करने का विवादास्पद आरोप लगाया है।गुजरात के बीजेपी नेता और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रहे दिलीप संघानी ने आरोप लगाया है कि भारत में दुग्ध क्रांति के जनक वर्गीज कूरियन ने अमूल का गुजरात में मिशनरीज को दिया था और ये मिशनरीज धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं।

बीजेपी नेता दिलीप संघानी ने शनिवार (24 नवंबर) को अमरेली में अमर डेयरी पर हुए एक कार्यक्रम में यह बयान दिया। गुजरात सहकारी दुग्ध एवं विपणन संघ अमूल सहित गुजरात मिल्क मार्केटिंग फैडरेशन, इंस्टीट्यूट ऑफ रुरल मैनेजमेंट तथा नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड जैसे तमाम प्रसिद्ध संस्थाओं की स्थापना करने वाले वर्गीज कुरियन पर संघानी ने आरोप लगाया है कि अंग्रेजी मीडिया में उनके प्रभाव के चलते ही उनकी छवि को महान व्यक्ति के रूप में प्रचारित किया गया।

अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, संघानी ने कहा, “जब कुरियन अमूल का नेतृत्व कर रहे थे, तब उन्होंने ईसाई मिशनरीज को दान कर दी। आप अमूल के रिकॉर्ड से इस बात का पता लगा सकते हैं और ये मिशनरीज धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं।”

बीजेपी नेता ने आगे कहा, “अमूल की शुरुआत त्रिभुवनदास पटेल ने की थी, लेकिन क्या देश में कोई व्यक्ति त्रिभुवनदास पटेल को जानता है? गुजरात के किसानों और मवेशी पालनेवालों ने जो कड़ी मेहनत से पैसा इकट्ठा किया उसे उन्होंने (कुरियन ने) धर्मांतरण के लिए डांग (दक्षिण गुजरात में एक जगह) में दान कर दिया।”

बीजेपी नेता संघानी ने आगे कहा जब वह गुजरात सरकार में मंत्री थे तो उनके सामने यह मुद्दा आया था, लेकिन उस वक्त उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई, क्योंकि उस वक्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और वह इस मुद्दे को पूरे देश में फैला सकते थे। हालांकि जब दिलीप संघानी से अखबार द्वारा सवाल किया गया कि उन्होंने इस मामले की कोई जांच कराी थी तो उन्होंने कहा कि हमने वो सब किया जो हमें करना चाहिए था। बस हमने यह बात उस वक्त सार्वजनिक नहीं की।

संघानी ने कहा कि “हमें वर्गीज कूरियन के योगदान पर कोई संदेह नहीं है लेकिन आज कोई भी त्रिभुवनदास पटेल को याद नहीं करता, जो कि अमूल के फाउंडर थे….कूरियन सिर्फ एक सेक्रेटरी थे।”जब अखबार ने गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी इस बारे में जानना चाहा जो इस वक्त विदेश में हैं तो उन्होंने मैसेज कर जवाब दिया, “मुझे जांच करने दें।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने लगाई लताड़

बीजेपी नेता के इस विवादास्पद बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है। आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और पत्रकार आशुतोष ने लिखा है, “जिस आदमी ने देश में दूध की नदी बहाई, जिस वजह से कूरियन की पूजा की जानी चाहिये उसे बीजेपी देश का दुश्मन साबित करने में लगी है । ये है आरएसएस की ट्रेनिंग । ये ज़हर बोना बंद करिये @RSSorg” इसके अलावा तमाम लोगों ने ट्वीट कर बीजेपी नेता को लताड़ लगाई है।

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