महात्मा गांधी की हत्या को सही ठहराने वाले BJP IT सेल के प्रमुख का पुराना ट्वीट हुआ वायरल

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राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाली भाजपा देशभक्ति के नाम पर खुद ही अपने पाखंड को उजागर कर देती है। ऐसे में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को कुछ खास करने की जरूरत नहीं पड़ती। खुद सरकार के समर्थक ही सरकार की आलोचना कराने के कपटपूर्ण तरीके इजाद करते रहते है।

महात्मा गांधी

जबकि इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार के आलोचकों का कहना है कि इस तरह के प्रोपगंडे मतदाताओं का ध्यान भटकाने के लिए किए जाते है जिसके माध्यम से भगवा पार्टी अपनी विफलता की कहानियों को छिपा सके। जानकार मानते है कि इस तरह के प्रयासों को चतुर चाल कहा जाता है।

लेकिन बार-बार पार्टी के नये पाखंड और दोहरे मानकों का प्रदर्शन पार्टी के नेता करते आ रहे है। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी की जयंती पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देश के सामने अर्पित कर रहे थे, उसी समय भाजपा आईटी सेल के प्रमुख का एक बड़ा ट्वीट वायरल हो रहा था जिसमें महात्मा गांधी की हत्या के औचित्य को सही ठहराया गया था।

जबकि दूसरी तरफ राजघाट में बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि मैं गांधी जयंती पर प्रिय बापू के लिए एक धनुष की तहर से काम करता हूं, उनके महान आदर्श दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं।

पीएम मोदी के बापू के प्रति उद्गार व्यक्त करने वाले ट्वीट कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर भाजपा आईटी सेल प्रमुख का एक पुराना ट्वीट वायरल हो गया जिसमें वह महात्मा गांधी की हत्या को सही ठहरा रहे थे।

अमित मालवीय ने 2015 में यह ट्वीट किया था जिसके साथ एक लिंक साझा करते हुए लिखा कहा गया कि मैंने गांधी को क्यों मार डाला, नाथुराम गोडसे के द्वारा की गई महात्मा गांधी की हत्या का यह एक जवाब था, एक निष्पक्ष समाज को उसे जरूर सुनना चाहिए।

जब इस पर सवाल करते हुए किसी ने पुछा कि क्या इससे हत्या का औचित्य साबित हो सकता है, तब मालवीय ने कहा कि असल में ऐसे ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां हत्याओं को स्वीकार्य माना गया है, आप इसके बारें में कानून देखें।

यह एक ज्ञात तथ्य है कि गांधी के हत्यारे गोडसे RSS से जुड़े थे। जिन्होंने भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता नायक को मार डाला। जनता के बीच गोडसे की किसी भी आलोचना से बचते हुए अब भी गोडसे के समर्थक महात्मा गांधी की हत्या को सही ठहरा रहे है जिसके माध्यम से भाजपा वास्तव में सत्ता में रहने की तलाश में लंबी दूरी की यात्रा कर रही है।

क्या भारतीयों को उनकी भोलेपन से पीड़ित रहना जारी है और इन संवेदकों को माफ कर दिया जाए, केवल वे ही ज्ञात होंगे कि ये आगामी चुनावों में किस तरह वोट देते हैं, खासकर गुजरात में, गांधी के जन्मस्थान।

इस बीच, सोशल मीडिया यूजर्स ने जब मालवीय के ट्वीट की निंदा करनी शुरू की तो उन लोगों को फिरंगी कहा जाने लगा जैसा आमतौर पर भाजपा के आडम्बरों की पोल खुलने पर घटिया टिप्पणी कर हमला बोल दिया जाता है। यहाँ कुछ प्रतिक्रियाएं इस प्रकार से हैं।

 

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