दिल्ली हिंसा के लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार, उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए: सोनिया गांधी

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उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। वहीं, इस हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

सोनिया गांधी
फाइल फोटो: PTI

पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पारित प्रस्ताव पढ़ते हुए सोनिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली में हो रही हिंसा और जानमाल नुकसान के बाद स्थिति पर चर्चा के लिए बैठक हुई। यह एक सोचा-समझा षड्यंत्र है। भाजपा के कई नेताओं ने भड़काऊ बयान देकर नफरत और भय का माहौल पैदा किया।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति उन सभी परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती है जिन्होंने हिंसा में अपने प्रियजनों को खो दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीडब्ल्यूसी लोगों से घृणा की राजनीति को अस्वीकार करने और दरारें भरने के लिए बेहतर कदम उठाने की अपील करती है। सोनिया ने कहा कि मौजूदा स्थिति के लिए केंद्र सरकार और खासकर गृह मंत्री जिम्मेदार हैं तथा उन्हें तत्काल इस्तीफा देने चाहिए। उन्होंने यह दावा भी किया कि दिल्ली सरकार भी अपनी भूमिका निभाने में विफल रही।

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री भी शांति बनाए रखने में नाकाम रहे। सीडब्ल्यूसी का मानना है कि स्थिति गंभीर है और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।’’ सोनिया ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को प्रभावित इलाकों में जाना चाहिए और लोगों के साथ लगातार संवाद करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया जाना चाहिए तथा मोहल्लों में शांति समितियों का गठन किया जाना चाहिए। इस संवाददाता सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इससे पहले, सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल और कई अन्य नेता शामिल हुए।

सोनिया हिंसा का राजनीतिकरण कर रही हैं: भाजपा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में हुई हिंसा की घटनाओं का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि अब हिंसा समाप्त हो रही है और सच्चाई सामने लाने के लिये जांच भी शुरु हो गई है, ऐसे में सभी दलों की प्राथमिकता शांति स्थायी होनी चाहिए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली की हिंसा पर जो बयान दिया है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।’’ साथ ही पार्टी ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग को हास्यापद करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हिंसा समाप्त हो रही है और सच्चाई सामने लाने के लिये जांच भी शुरु हो गई है। ‘‘हमारा विश्वास है कि पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आएगी।’’

जावड़ेकर ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि वे पहले दिन से ही शांति बहाली के प्रयास में लगे हुए थे। जावड़ेकर ने कहा ‘‘अब हिंसा समाप्त हो रही है और सबका एक मात्र लक्ष्य है कि हिंसा पूर्ण रूप से रुके और स्थायी शांति हो। चर्चा के लिए तो संसद का सत्र है, वहां चर्चा कर सकते हैं।’’

गौरतलब है कि, उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले समूहों के बीच संघर्ष ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया था। उपद्रवियों ने कई घरों, दुकानों तथा वाहनों में आग लगा दी और एक-दूसरे पर पथराव किया। उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। वहीं, इस साम्प्रदायिक हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में भड़की हिंसा में अब तक 56 पुलिसकर्मियों समेत करीब 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। (इंपुट: भाषा के साथ)

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