उत्तर प्रदेश में अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो महज 5 सीटों पर सिमट जाएगी बीजेपी: सर्वे

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इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं। इस बीच यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की बेटी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने आधिकारिक तौर पर राजनीति में कदम रख दिया है। बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका को महासचिव बनाकर यूपी की सियासत के समीकरण बदल दिए हैं। बदले हुए इन समीकरणों में यूपी में सियासत काफी दिलचस्प हो गई है।

यूपी में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आजतक और कर्वी इनसाइट्स एक सर्वे जारी किया है। सर्वे के नतीजे हैरान करने वाले हैं। यदि लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) व समाजवादी पार्टी (एसपी) और आरएलडी गठबंधन साथ मैदान में उतरा तो चुनाव नतीजे 2014 के नतीजों के बिल्कुल उलट हो जाएंगे। सर्वे के मुताबिक, अगर सपा-बसपा गठबंधन के साथ कांग्रेस आ जाती है तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 2014 की 71 सीटों से महज पांच पर सिमट सकती है।

सर्वे के मुताबिक सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन यूपी की 80 में से 58 सीटें जीत सकता है और पिछले चुनाव में 73 सीटें जीतने वाली बीजेपी-अपना दल को 18 सीटों तक सिमट सकती है। लेकिन अगर मायावती और अखिलेश यादव अपने गठबंधन में आरएलडी के साथ-साथ कांग्रेस को भी शामिल हो जाती है तो बीजेपी महज पांच सीटों तक सिमट जाएगी। ये सर्वे 28 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच किया गया है। ये सर्वे यूपी के 2,478 लोगों पर किया गया है।

महागठबंधन यानी कांग्रेस और आरएलडी के एसपी-बीएसपी के साथ चुनाव लड़ने की स्थिति में इस महागठबंधन को 75 सीट मिल सकती हैं। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी की 80 में से 71 सीटें जीती थीं जबकि दो सीटें उसकी सहयोगी अपनी दल को मिली थीं। वहीं, सपा को महज पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस पार्टी को केवल 2 सीटें मिलीं थीं, वह भी परंपरागत अमेठी और रायबरेली की सीटें। आरएलडी और बहुजन समाज पार्टी का तो खाता तक नहीं खुला था।

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