BJP नेतृत्व को ‘गुजराती ठग’ कहने वाले पार्टी के वरिष्‍ठ नेता आईपी सिंह 6 साल के लिए निकाले गए, पीएम मोदी को बताया था ‘प्रचारमंत्री’

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार (25 मार्च) को अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया। बता दें कि पार्टी के पूर्व प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा था कि ‘‘दो गुजराती ठग हिन्दी हृदय स्थल, हिन्दी भाषियों पर कब्जा करके पांच वर्ष से बेवकूफ बना रहे हैं।” साथ ही सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘प्रचारमंत्री’ करार देते हुए यह भी कहा था कि, ”हमने ‘प्रधानमंत्री’ चुना था या ‘प्रचारमंत्री’? अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से देश का पीएम क्या टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है?”

FILE PHOTO: @ANINewsUP

बीजेपी नेतृत्व पर लगातार कई ट्वीट कर पार्टी के पूर्व प्रवक्ता ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का आजमगढ़ से चुनाव लड़ने का स्वागत करते हुए कहा था कि ‘‘मुझे खुशी होगी कि यदि मेरा आवास भी आपका चुनाव कार्यालय बने।”
बीजेपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ”आईपी सिंह को पार्टी अध्यक्ष के निर्देश पर छह साल के लिए निकाल दिया गया है।” सिंह ने बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ लगातार कई ट्वीट किए और अपने नाम के आगे ‘उसूलदार’ लगा लिया।

उन्होंने शुक्रवार को किए गए अपने ट्वीट में कहा कि ”मैं उसूलदार क्षत्रिय कुल से हूं। दो गुजराती ठग हिन्दी हृदय स्थल, हिन्दी भाषियों पर कब्जा करके पांच वर्ष से बेवकूफ बना रहे हैं…और हम खामोश हैं, हमारा उत्तर प्रदेश गुजरात से 6 गुना बड़ा और अर्थव्यवस्था भी 5 लाख करोड़ की, गुजरात 1 लाख 15 हजार करोड़, इतने में क्या खायेगा क्या विकास करेगा।”

एक अन्य ट्वीट में सिंह ने कहा कि ”हमने ‘प्रधानमंत्री’ चुना था या ‘प्रचारमंत्री’? अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से देश का पीएम क्या टी-शर्ट और चाय का कप बेचते हुए अच्छा लगता है? बीजेपी वो पार्टी रही है जिसने अपने विचारों से लोगों के दिलों में जगह बनाई, मिस काल देकर और टी-शर्ट पहन कर ‘कार्यकर्ताओं’ की खेती असंभव है।”

पार्टी से निकाले जाने के बाद सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ”मीडिया के मित्रों से खबर मिली है कि बीजेपी ने मुझे छह वर्षों के लिये पार्टी से निष्काषित कर दिया है। वहीं, पार्टी जिसे मैंने अपने जीवन के तीन दशक दिए, एक धरतीपकड़ कार्यकर्ता की तरह जन सरोकार की राजनीति की, ढह चुके आंतरिक लोकतंत्र के बीच ‘सच बोलना जुर्म हो चुका है।” उन्होंने कहा कि ”माफ की कीजिएगा नरेंद्र मोदी जी, अपनी आंख पर पट्टी बांध कर आपके लिए ‘चौकीदारी’ नही कर सकता।”

एक अन्य ट्वीट में सिंह ने कहा कि 30 साल बीजेपी को दिए, एक बार ‘बाबू सिंह कुशवाहा’ के ख़िलाफ़ बोलने पर पार्टी से निकाला गया था, फिर उन्हें जेल हो गई। अब दूसरी बार सुनील बंसल के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर निकाला गया है। अब आगे क्या होगा इश्वर ही जाने।

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