राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पीएम मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम नेताओं ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर जताया शोक

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार (17 मार्च) को उनके निजी आवास पर निधन हो गया। चार बार के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर फरवरी 2018 से ही अग्नाशय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले एक साल से बीमार चल रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता का स्वास्थ्य दो दिन पहले बहुत बिगड़ गया था। वह 63 वर्ष के थे।

मनोहर पर्रिकर

मध्यमवर्गिय परिवार में 13 दिसंबर, 1955 में जन्मे पर्रिकर ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के रूप में करियर शुरू किया। यहां तक कि आईआईटी बंबई से स्नातक करने के बाद भी वह संघ से जुड़े रहे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक के तौर पर शुरुआत कर गोवा के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री बनने वाले पर्रिकर की छवि हमेशा ही बहुत सरल और सामान्य व्यक्ति की रही।

वह सर्वस्वीकार्य नेता थे। ना सिर्फ बीजेपी बल्कि दूसरे दलों के लोग भी उनका मान-सम्मान करते थे। उन्होंने गोवा में बीजेपी को मजबूत आधार प्रदान किया। लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहने वाले गोवा में क्षेत्रीय संगठनों की पकड़ के बावजूद बीजेपी उनके कारण मजबूत हुई।

सक्रिय राजनीति में पर्रिकर का पदार्पण 1994 में पणजी सीट से बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतने के साथ हुआ। वह 2014 से 2017 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में रक्षा मंत्री रहे। केन्द्र सरकार ने उनके निधन पर सोमवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया है, ‘गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना पाकर शोकाकुल हूं।’ उन्होंने कहा कि पर्रिकर बेहद साहस और सम्मान के साथ अपनी बीमारी से लड़े। उन्होंने लिखा है कि सार्वजनिक जीवन में वह ईमानदारी और समर्पण की मिसाल हैं और गोवा और भारत की जनता के लिए उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया है, ‘श्री मनोहर पर्रिकर बेमिसाल नेता थे। एक सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक थे, सभी उनका सम्मान करते थे। देश के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी। उनके निधन से बहुत दुखी हूं। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं। शांति।’

मोदी ने कहा कि जब पर्रिकर रक्षा मंत्री थे तो भारत ने कई फैसले दिए जिसने देश की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाया, स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाया और पूर्व सैनिकों के जीवन को बेहतर बनाया। उन्होंने कहा, ‘यह उनका मधुरभाषी व्यक्तित्व और मिलनसार स्वभाव था कि वह वर्षों तक राज्य के पसंदीदा नेता रहे। उनकी जन समर्थक नीतियों ने गोवा को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।’

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कहा, ‘‘मनोहर पर्रिकर का निधन बेहद दुखदायी है। उनके रूप में भारत ने एक सच्चा देशभक्त खोया है जिसने निस्वार्थ भाव से अपना पूरा जीवन देश और सिद्धांतों के हवाले कर दिया। जनता के प्रति पर्रिकर का समर्पण और उनका कर्तव्य अनुकरणीय है। भारत के रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।’’

पर्रिकर को निष्कपट, ईमानदार और संवेदनशील राजनीतिक कार्यकर्ता बताते हुए सीतारमण ने कहा कि ‘‘मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मनोहर पर्रिकर नहीं रहे। निष्कपट, ईमानदार और संवेदनशील राजनीतिक कार्यकर्ता । वह सरल और जमीन से जुड़े थे, मैंने पर्रिकर से बहुत कुछ सीखा है। रक्षा मंत्री के तौर पर सशस्त्र बलों को आधुनिक और ताकतवर बनाने में उनका योगदान अद्वितीय है।’’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा , “बीजेपी को मनोहर पर्रिकर जी के निधन से बहुत बड़ी क्षति हुई है। पार्टी सदस्य होने के अलावा, वह मेरे बहुत करीबी मित्र थे। वह आज मेरे साथ नहीं है और मैं व्यक्तिगत रूप से इससे बहुत पीड़ित हूं। मैं तुरंत गोवा के लिए रवाना हो रहा हूं।”

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है, ‘‘गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना से मैं बहुत दुखी हूं। वह एक साल तक पूरे साहस से अपनी बीमारी से लड़ते रहे। दलगत राजनीति से इतर सभी उनका मान-सम्मान करते थे और वह गोवा के सबसे लोकप्रिय बेटों में से एक थे। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजन के साथ हैं।’’

श्री आडवाणी ने कहा, “मैं मनोहर पर्रिकर के निधन के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं। वह कुछ समय के लिए बहादुरी से अपनी बीमारी से लड़ रहे थे। मुझे इस साल जनवरी के महीने में गोवा में उनसे मिलने का अवसर मिला। अपनी बीमारी के बावजूद, वह बैठने, कार्यालय के काम में भाग लेने और सभी के साथ बातचीत करने के लिए काफी बोल्ड थे।” उन्होंने कहा , “मनोहर पर्रिकर सभी मोर्चों पर एक लड़ाकू थे और गोवा में पहली भाजपा सरकार बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कुछ शब्दों का एक आदमी, वह अपने कार्यों को अत्यधिक समर्पण के साथ पूरा करने में विश्वास करता था। मैं उनके परिवार के सभी सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।”

इन दिग्गज नेताओं के अलावा तमाम केन्द्रीय मंत्रियों, कांग्रेस नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी पर्रिकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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