‘जनता का रिपोर्टर’ की ईमानदार व निष्पक्ष पत्रकारिता के 2 साल पूरे होने पर बधाइयों का लगा तांता

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‘जनता का रिपोर्टर’ ने निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के आज(3 मई) 2 वर्ष पूरे कर लिए हैं। दो साल पूरे होने पर आज सुबह से ही देश के दिग्गज पत्रकारों, राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सच्ची पत्रकारिता की पैरवी करने वाले लाखों प्रशंसकों द्वारा ‘जनता का रिपोर्टर’ को शुभकामनाएं देने की होड़ लग गई है। हमारे पाठक भारी संख्या में हमें ट्विटर और फेसबुक पर लगातार संदेश भेज रहे हैं, जिनके कारण हमारा हैशटैग #JKRTurns2 भी ट्विटर पर लगातार ट्रेंड कर रहा है।

बता दें कि एक छोटी सी टीम के साथ 3 मई 2015 को ‘जनता का रिपोर्टर’ ने अपना आगाज किया गया था, तो हमें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी हम लोगों के विश्वासपात्र बन जाएंगे। हालांकि, शुरूआत के पहले दिन ही ‘जनता का रिपोर्टर’ ने कई साक्षात्कारों को प्रकाशित कर अपना रूख साफ कर दिया था।इनमें मुख्य रूप से दिल्ली के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इंटरव्यू वायरल हो गया था। हमारे इंटरव्यू को देश के सभी प्रमुख समाचार चैनल्स और अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी थी। इस साक्षात्कार में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि मीडिया का ट्रायल होना चाहिए। बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल द्वारा किसी मीडिया हाउस को दिया गया यह पहला इंटरव्यू था।

यह अजब संयोग है कि आज(3 मई) के ही दिन ‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ मनाया जाता है और भारतीय मीडिया में क्रांति लाने के लिए आज ही ‘जनता का रिपोर्टर’ का भी आगाज हुआ था। इन 2 सालों में तमाम दिक्कतों का सामना करते हुए ‘जनता का रिपोर्टर’ लगातार सच्ची खबरें दिखाने के प्रति अडिग है। यही वजह है कि ‘जनता का रिपोर्टर’ आज कोई भी खबर प्रकाशित करता है तो इसका प्रभाव ऊपर तक होता है।

खबर लिखे जाने तक ट्वीटर पर ‘जनता का रिपोर्टर’ को फाॅलो करने वालों की संख्या 1 लाख 11 हजार से भी अधिक हैं, जबकि फेसबुक पेज पर 1 लाख 37 हजार से अधिक संख्या में प्रशंसक ‘जनता का रिपोर्टर’ से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा हिंदी भाषी क्षेत्रों में ‘जनता का रिपोर्टर’ के हिन्दी पेज भी काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

हमारी कंपनी लोगों को यह विश्वास दिलाती है कि निष्पक्ष पत्रकारिता का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है।क्योंकि निष्पक्ष पत्रकारिता स्वस्थ लोकतात्रिंक शासन व्यवस्था के लिए अति आवश्यक है। प्रजातान्त्रिक शासन के सुव्यवस्थित संचालन में भी इसकी अहम भूमिका है।

आज के दिन की एक ख़ास बात और ये है कि ३ मई को पूरे विश्व भर में पत्रकारिता की आज़ादी के दिन के तौर पर भी मनाया जाता है। लेकिन ‘जनता का रिपोर्टर’ के संस्थापक रिफत जावेद का मानना है कि जब वो ‘जनता का रिपोर्टर’ लांच कर रहे थे तो उन्हें इस दिन की विशेषता के बारे में पता नहीं था।

रिफत कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि ‘हमारा जन्मदिन और प्रेस की आज़ादी को मनाये जाने का दिन एक ही है।’ उन्होंने कहा, “हम जिस माहौल में आज जी रहे हैं वहां प्रेस की आज़ादी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है, ऐसे में ‘जनता का रिपोर्टर’ जैसे निष्पक्ष प्लेटफार्म की कामयाबी को पूरे विश्व में प्रेस की आज़ादी के दिवस के तौर पर मनाया जाना एक सुखद संयोग है।”

रिफत जावेद ने जनता का जताया आभार

इस अवसर पर ‘जनता का रिपोर्टर’ के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ रिफत जावेद ने कंपनी और पाठकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘जनता का रिपोर्टर’ की कामयाबी इस बात का प्रतीक है कि इस देश की जनता को मुख्याधारा की मीडिया के एक बड़े वर्ग ने किस हद तक मायूस किया है।

उन्होंने कहा, “पक्षपाती कवरेज और सरकार के सामने नतमस्तक होने के फैसले की वजह से देश की जनता ने हमारी वेबसाइट पर विश्वास जताया है। हमारी निर्भीक पत्रकारिता ने ना कभी किसी उद्योगपति या राजनीतिक पार्टी के सामने सरेंडर किया है और ना कभी भविष्य में यह ताकतें हमें हमारे रास्ते से विचलित कर पाएंगी। क्योंकि जनता के विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।”

पढ़ें, बधाइयों का लगा तांता:-

https://twitter.com/divyaspandana/status/859633460478177280

https://twitter.com/ppbajjpai/status/859614474449321986

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