टॉपर घोटालाः बिहार बोर्ड ने रद्द की 68 इंटर कॉलेज की मान्यता

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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जांच पड़ताल के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर राज्य के 20 जिलों के 68 इंटर कॉलेजों की मान्यता रद कर दी है। इसके अतिरिक्त 19 कॉलेजों की मान्यता निलंबित करते हुए उनसे कारण पृच्छा की गई है। जवाब संतोषजनक न मिला तो इनकी मान्यता भी रद की जाएगी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बुधवार को इन कालेजों की मान्यता रद करने संबंधी आदेश जारी कर दिए। इन कॉलेजों को पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के कार्यकाल में मान्यता दी गई थी। इसमें नियमों की खुलेआम अवहेलना हुई थी। लालकेश्वर प्रसाद अभी जेल में बंद हैं।

Photo courtesy: ndtv
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इन कॉलेजों को मान्यता देने में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर इन्हें नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया था। कई कॉलेजों ने जवाब देने में ही रुचि नहीं ली तो कई कॉलेजों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला। यह कॉलेजों की मान्यता निलंबित और निरस्त किए जाने की चौथी कार्रवाई है। इससे पूर्व तीन मौकों पर बिहार बोर्ड कई कॉलेजों की मान्यता निरस्त।

बिहार बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि जिन कालेजों की मान्यता रद की गई है उनमें पटना, नालंदा, रोहतास, कैमूर, बक्सर, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज, लखीसराय, खगड़िया, जमुई, समस्तीपुर, सहरसा, भागलपुर, बांका और पूर्णिया के इंटर कालेज शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद इस मामले की जांच एसआइटी के हवाले कर दी गई थी और बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव सहित करीब दो दर्जन लोग इस मामले में जेल में हैं। एसआइटी ने फर्जी टॉपरों और उनके अभिभावकों पर भी मुकदमा किया है। फर्जी टॉपरों के रिजल्ट रद कर दिए गए हैं। वैशाली के बच्चा राय कॉलेज सहित कई संस्थानों के परिणाम भी रोक दिए गए हैं।

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