बिहार के मंत्री सरकारी बंगलों को शादी समारोह के लिए किराए पर देकर कमा रहे हैं लाखों रुपये

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भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सरकारी बंगले के अवैध रूप से वाणिज्यिक इस्तेमाल को लेकर बिहार के दो मंत्रियों अब्दुल गफूर एवं शिवचन्द्र राम को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा उनके वेतन से राशि वसूलने की मांग की है।

बिहारपीटीआई कि ख़बर के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि अब्दुल गफूर एवं शिवचन्द्र राम अपने सरकारी बंगले को शादी घर में परिवर्तित कर करोड़ों रूपये कमा रहे हैं। ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के साथ उनके वेतन से राशि वसूली जानी चाहिए।

उन्होंने जदयू विधायक नरेन्द्र सिंह के भी अपने सरकारी बंगले को शादी समारोह हाल में परिवर्तित करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील ने आरोप लगाया कि नियम के अनुसार सरकारी बंगले का वाणिज्यिक तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। बाद में सुशील ने भाजपा के एक शिष्टमंडल के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल राम नाथ कोविंद से मुलाकात कर इस संबंध में एक ग्यापन सौंपा और उचित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का राज्यपाल से अनुरोध किया।

दरअसल, मामला बिहार सरकार में 2 मंत्रियों से जुड़ा हुआ है। अब्दुल गफूर जो कि बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं और शिवचंद्र राम जो कि कला एवं संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री है, इन दोनों ने मंत्री बनने के बाद मिली आलीशान सरकारी बंगले का व्यवसायिक इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और लाखों कमा रहे।

मोटी कमाई के चक्कर में इन दोनों आरजेडी नेताओं ने अपने सरकारी बंगले के अंदर कई एकड़ खाली जमीन को शादी-विवाह के लिए किराए पर देने का काम कई महीनों से चला रखा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन के लिए बंगले की जमीन किराए पर देने की कीमत है तकरीबन 2.5 लाख से 3 लाख रुपये लेते है। इस मामले पर सुशील मोदी ने कहा कि अब्दुल गफूर और शिवचंद्र राम ने जिस तरीके से अपने सरकारी बंगले को शादी-विवाह स्थल में बदल दिया है वो गैर कानूनी है और इसके लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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