बिहार में इस बार शराब प्रतिबंध पर जागरुकता की थीम से सजे पूजा के पंडाल

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बिहार में शराब के खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए राज्य भर में कई दुर्गा पूजा पंडालों में शराब के दुष्प्रभावों का चित्रण किया गया है।

पूजा पंडालों में शराब के थीम बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जरूर खुश होंगे। वह शराबबंदी के लिए हमेशा जन जागरकता फैलाने पर जोर देते रहे हैं।

पूर्णिया के एक पूजा पंडाल में जैसे ही आप घुसते हैं वहां प्रवेश-द्वार पर शराबबंदी पर संदेश मिलता है जिसमें कहा गया है, ‘‘शराब बंदी से होगी समाज की खुशहाली’’।

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इस पंडाल के दोनों ओर शराब के मशहूर ब्रांड की बोतलों के दो बड़े-बड़े कट-आउट लगे हुए हैं जिनपर शराबबंदी के पक्ष में नारे लिखे गये हैं।

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उसमें से एक नारा इस प्रकार है- ‘‘आओ मिलकर शपथ लें, नशा मुक्त हम समाज बनाएं’’।

तो वहीं दूसरे कट-आउट पर लिखा हुआ है- ‘‘शराब नहीं ये जहर है, इसका चुनना कहर है’’।

राजधानी पटना में कुछ दुर्गा पूजा पंडालों में शराब उपभोग के खिलाफ साफ शब्दों में संदेश लिखे गये हंै।

पटना के मछुआ टोली में एक पूजा पंडाल में कई तरह के कट आउट लगे हैं जिनपर शराबबंदी के पहले की घरेलू स्थिति और उसके बाद की स्थिति का चित्रण किया गया है।

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भाषा की खबर के अनुसार, इसमें दिखाया गया है कि एक आदमी जिसका नाम बासुदेव लिखा हुआ है जो मार्च 2016 : शराब बंदी लागू होने के पहले का समय: में शराब पी कर नशे में धुत होकर अपनी पत्नी से झगड़ा करते हुए दिखाई देता है तो वहीं उसकी पत्नी उसे झाड़ू से पीटते हुए शराब छोड़ने के लिए कह रही है। पास में लगे हुए कई सारे कट आउट्स में शराब बंदी लागू होने के बाद हुए बदलाव से खुशहाल आदमी को दिखा गया है।

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तो वहीं एक दूसरे कट आउट में एक ‘डॉक्टर फ्लॉप’ को दिखाया गया है, जिसके कारोबार में पूरी तरह से मंदी छाया हुआ है।

गोविंद मित्रा मार्ग के एक पूजा पंडाल में एक परिवार के दयनीय हालात का चित्रण किया गया है, जिसमें पति नशे में धुत होकर फर्श पर गिरा हुआ है जबकि उसकी व्यथित पत्नी और उसकी एक छोटी बेटी उदास भाव से बगल में खड़ी है।

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