“आज़ाद भारत का सबसे बड़ा ख़ुलासा बस होने को है!”

2

आप को यकीन नहीं होगा लेकिन ये सच है कि देश के पी एम ओ समेत तमाम “बड़े” वर्षों ( पूरे पाँच बरस) फोन टेपिंग का शिकार हुए !

और इस के बाद की जो सच्चाई सामने आई वो आपको हैरान कर देगी।

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील का दावा है कि उनके पास तक़रीबन 50  घंटे से भी ज़्यादा की रिकॉर्डिंग है और इन में  बड़े राजनेताओं देश के एक सबसे बड़े औद्योगिक घराने के मालिक की आवाज़ टेप की गई है। दावा है कि इस खुलासे के बाद देश में सत्ता और कॉर्पोरेट हाउसेस की मिलीभगत अबतक का सबसे गन्दा सच सामने आ जाएगा।
Secretariat_Building_South_Block

अपने फेसबुक पर लिखते हुए पत्रकार शीतल सिंह ने लिखा, “पैसा सब कुछ ख़रीद लेता है सब कुछ ! ख़रीदार ही गवाही देंगे! तथ्यों सहित शिकायत हफ़्तों से प्रधानमंत्री / वित्त मंत्री के हाथ में है पर रहस्यमय चुप्पी! सत्ता स्तब्ध

सुप्रीम कोर्ट के एक वक़ील सुरेन उप्पल ने बताया कि एक जून को उनके स्टाफ़ ने दिल्ली के साउथ ब्लाक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय को एक बेहद गंभीर मामले की लिखित सूचना सौंपी है । उन्होंने उसकी पावती भी ली है ।”

Also Read:  जामिया विश्वविद्यालय ने सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले छात्रों को किया सम्मानित

शीतल ने आगे लिखा कि उप्पल द्वारा पीएमओ को सूचित करने के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले पर गम्भीर नहीं आ रहा है। पीएमओ में फ़ोन का टेप किया जाना देश की सुरक्षा पर बड़े प्रश्न खड़े करता है।

Congress advt 2

सूचना के अनुसार उन्होंने लिखा है कि वर्ष 2001-2011 के बीच एक टेलीकाम कंपनी ने पी एम ओ समेत देश के तमाम बड़े मंत्रियों ,व्यापारियों , बैंकों के चेयरमैनों और अन्य लोगों के फोन अवैध रूप से टेप किये । शुरू शुरू में इसका मक़सद उस टेलीकाम कंपनी के मालिकों के बैंकों में चल रहे भारी क़र्ज़ों का पुनर्गठन कराने के लिये बैंकों के चेयरमैनों की कमज़ोरियों की खोज करना था पर बाद में दायरा बढ़ता गया और वह पी एम ओ तक पहुँच गया ।

Also Read:  Delhi HC quashes lower court's order directing CBI to release seized documents from Rajendra Kumar's office

“हजारों घंटों तक फैली इन टेलीफ़ोन टैपिंग में से करीब पचास घंटे की वाइटल टैपिंग किसी माध्यम से इन वक़ील साहब तक पहुँची है । इनमें देश की तमाम नीतियों को बदलवाने में क्रोनी कैपिटल की भूमिका समेत तमाम आर्थिक राजनीतिक अपराधों का पर्दाफ़ाश है ।”

सूत्रों का कहना है पचास घंटे की इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में उत्तर प्रदेश की एक राष्ट्रीय स्तर के विवादित नेता की सुपारी की बात की जारही है। वही एक दिवंगत केंद्रीय मंत्री को कथित तौर पर एक बड़े उद्योगपति के सामने गिड़गिड़ाते सुना जा सकता है।

जनता का रिपोर्टर को मिली सूचना के अनुसार टेप मे जिन लोगों के नाम शामिल हैं उन में प्रमुखतः मुकेश अंबानी, प्रमोद महाजन, अमर सिंह, प्रफुल्ल पटेल हैं।

सूत्रों के अनुसार उप्पल साहब की यह शिकायत पी एम ओ के वेबसाइट पर रिफलेक्ट नहीं हो रही है । इस वजह से इन्होंने कुछ दिन बाद दुबारा इसे जमा कराया है और जमा कराने की रसीद ली पर दुबारा यह वेबसाइट से नदारद है ।

Also Read:  मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा पहुंचकर तोड़ा बरसों पुराना राजनीतिक मिथक

उप्पल साहब इस करीब पचास घंटे की रिकार्डिंग्स को ट्रांसक्राइब कर रहे हैं और शीघ्र ही प्रेस क्लब में इसे “आम” करने वाले हैं ।

शीतल ने आगे लिखा, “यह सूचना आपको व्यथित कर देगी पर यह सच है कि एडवोकेट सुरेन उप्पल के पास जिन टेप्स की चर्चा है उसमें से एक में देश का एक बहुत बड़ा क्रोनी कैपिटलिस्ट यह कहता सुना गया है कि “मोटे को निबटा दो”! “मोटा” अमर सिंह के संदर्भ में कहा गया है इसके साफ़ संकेत विभिन्न वार्ताओं में हैं ।

“अब इंतज़ार रहेगा कि उप्पल जल्द से जल्द इन टेप्स को सार्वजनिक करें और देश इस सरकार विपक्ष न्यायपालिका व सम्मानित लोगों के साझे नेतृत्व वाली पारदर्शी जाँच में सच्चाई से अवगत हो ।”

JantaKaReporter is not in a position to verify these claims.

2 COMMENTS

  1. कुछ भी हो जाए सरकार आधार कार्ड के डेटा को पूर्ण सुरक्षित बतलाती रहेगी .और उसे जारी रखेगी ( इस देश में कुछ भी सुरक्षित और गोपनीय नहीं है ) आज का लोकतंत्र पूंजी पति और नेताओं का गठजोड़ है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here