वकील ने शब्‍बीर शाह से कहा- क्या ‘भारत माता की जय’ बोल सकते हो? जज बोले- ये TV स्‍टूडियो नहीं है

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दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार(3 अगस्त) को आतंकवादियों को कथित रूप से वित्तीय मदद के एक दशक पुराने धन शोधन के मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की हिरासत की अवधि छह दिन बढ़ाकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उससे पूछताछ की अनुमति दी। अदालत ने उसकी हिरासत बढ़ाने का निदेशालय का अनुरोध स्वीकार कर लिया।

(PTI Photo)

निदेशालय के वकील ने आरोप लगाया कि 64 वर्ष के शाह आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के लिए विदेशी धन का प्रयोग करके देश को बर्बाद कर रहे हैं। लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान उस वक्त अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब ईडी के वकील ने कहा कि क्या शाह ‘भारत माता की जय’ बोल सकते हैं? इसपर ईडी के वकील को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि अदालत की कार्यवाही को टीवी स्टूडियो की बहस न बनाएं।

दरअसल, ईडी के वकील अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा की अदालत में कहा, ‘उनसे(शब्बीर शाह) ‘भारत माता की जय’ कहलवाइए।’ इस पर न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि यह कोई टीवी स्टूडियो नहीं है और उन्होंने वकील को फटकार लगाते हुए गुणदोष के आधार पर दलीलें पेश करने की हिदायत दी।

वहीं, शाह की ओर से अधिवक्ता एम एस खान ने आरोप लगाया कि निदेशालय के अधिकारियों द्वारा शाह की हिरासत के दौरान उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें कई बयान देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे पहले अदालत ने बुधवार को निदेशालय द्वारा पूछताछ के लिए शाह की हिरासत एक दिन बढ़ा दी थी।

निदेशालय ने कहा था कि पाकिस्तान, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों से हवाला चैनलों के जरिये भारत में आतंकवादियों को धन मुहैया कराने और ‘राष्ट्र विरोधी क्रियाकलापों’ में उनकी भूमिका पता करना जरूरी है। एजेंसी ने अदालत से कहा था कि शाह पाकिस्तान के आतंकवादियों से निरंतर संपर्क में था और उसे ‘जम्मू कश्मीर में शांति बाधित करने के लिए’ हवाला लेनदेन के जरिये कई बार धन मिला था।

बता दें कि ईडी ने शब्बीर शाह को 25 जुलाई (2017) को गिरफ्तार किया था। एजेंसी अगस्त 2005 के मामले के संबंध में सम्मन पहले भी भेज चुकी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस के विशेष सेल ने कथित हवाला डीलर मोहम्मद असलम वानी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वानी ने दावा किया था कि उसने शाह को सवा दो करोड़ रूपये दिये थे। ईडी ने शाह तथा वानी के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।

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