भारत में रहना है तो भारत माता की जय कहना होगा

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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी हैं। लम्बें समय से बीजेपी का उत्तर प्रदेश से सफाया है। समाजवादी पार्टी के बाद बसपा के साथ मायावती भरपूर जोर अजमाइश में दिखाई देती हैं। ऐसे में भाजपा इन चुनावों में बिहार की तरह मात नहीं खाने वाली है।

इसलिये वोटरों का धुव्रीकरण का काम शुरू हो चुका है। विपक्ष का कहना है कि बीजेपी के कार्यकर्ता हमेशा कोई ना कोई शिगुफा हवा में छोड़ने में माहिर है जिससे साम्प्रदायिक माहौल बन जाता हैं।
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फिलहाल राष्ट्रवाद और भारत माता की जय का विवाद राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बना हुआ है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर में देखने को मिला हैं। यहां बीजेपी की और से कुछ पोस्टर छापे गए है जिनमें कहा जा रहा है कि भारत में रहना है तो भारत माता की जय कहना हैं।

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पोस्टर में प्रमुख रूप से नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की तस्वीरें छापी गई है। इसके साथ ही वहां के स्थानीय भाजपा नेताओं ने अपनी सुन्दर मुस्कानें भी पोस्टर पर चिपका रखी है। जिनमें पण्डित बालचन्द्र मिश्र, नवाव सिंह यादव व सतेन्द्र मिश्र के नाम हैं। पोस्टर एक धमकी के बतौर दिखाया गया है कि यदी आपको भारत में रहना है तो भारत माता की जय कहना होगा। कानपुर में इस समय भी भाजपा के सांसद है। और विधायक भी भाजपा से हैं। ऐसे में माहौल को सम्प्रदायिक बनाने और वोटों के धुव्रीकरण करने की राजनीति समझ आती हैं।

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लेकिन महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि क्या नरेन्द्र मोदी या अमित शाह जानते है कि उनकी पार्टी के कारिन्दें उनके नाम का इस्तेमाल किन कामों के लिये कर रहे हैं। अब यदी उन्हें नहीं मालूम तो ऐसे लोगों पर लगाम क्यों नहीं कसी जा रही हैं और यदी वे जानते है तो फिर सामने कहने से परहेज क्यों रखते हैं। आज ही एक बीजेवी के कट्टर समर्थक और दिल्ली के एलजी नजीब जंग जी ने ये बात कही है कि अगर मैं भारत माता की जय नहीं बोलता तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि में राष्ट्रवादी नहीं हूं या मैं भारत विरोधी हूं। हम ये कहते हुए बहुत खुश है कि मादरे वतन जिन्दाबाद, भारत माता की जय, हिन्दूस्तान जिन्दाबाद या जो कुछ भी हो। लेकिन दूसरों को ये अधिकार बिल्कुल नहीं है कि वह दूसरों को भारत माता की जय कहने के लिये बाध्य करें।

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