पंचतत्व में विलीन हुए आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज, बेटी कुहू ने दी मुखाग्नि

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आध्यात्मिक गुरु और प्रसिद्ध संत भय्यूजी महाराज का बुधवार (13 जून) को इंदौर के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। भय्यूजी की पार्थिव देह को उनकी बेटी कुहू ने उन्हें मुखाग्नि दी। बता दें कि भय्यूजी महाराज ने पारिवारिक तनाव के चलते मंगलवार (12 जून) को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले उनकी शवयात्रा हजारों भक्तों के साथ मुक्तिधाम पहुंची, जहां शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

फोटो: सोशल मीडिया

जिस गाड़ी में भय्यूजी महाराज की पार्थिव देह को रखा गया था उसको फूलों से सजाया गया था। भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह सिल्वर स्प्रिंग इलाके में स्थित उनके आवास से सूर्योदय आश्रम ले जाया गया, जहां उनके अनुयायियों ने उन्हें श्रद्घांजलि दी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक भय्यूजी को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे सहित कई प्रमुख लोगों ने श्रद्घांजलि दी।

भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा सूर्योदय आश्रम से शुरू हुई। पार्थिव शरीर को एक खुले ट्रक में रखा गया था, जिसे पुष्पों से सजाया गया था। कई स्थानों पर अनुयायियों ने मंच बनाकर अपने गुरु को अंतिम विदाई दी। मुक्तिधाम में भय्यूजी के पार्थिव शरीर को उनकी बेटी कुहू ने मुखाग्नि दी। गौरतबल है कि भय्यूजी ने मंगलवार को अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने तनाव के कारण यह कदम उठाने का जिक्र किया था। भय्यूजी की आत्महत्या के बाद जो बातें खुलकर सामने आ रही हैं, उसके अनुसार भय्यूजी के बेटी कुहू और दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी के बीच बहुत गहरे मतभेद थे। इसे लेकर कई बार भय्यूजी का अपनी दूसरी पत्नी से विवाद भी हो चुका था। बेटी भी इस हादसे के लिए डॉ. आयुषी को जिम्मेदार ठहरा रही है।

बता दें कि भय्यूजी का बचपन का नाम उदय सिंह देशमुख था और वह मध्यप्रदेश के शुजालपुर कस्बे के रहने वाले थे। भय्यूजी के शिष्य ने बताया कि संत बनने से पहले वह मॉडलिंग भी किया करते थे। उनके कई अनुयायी हैं, जिनमें नेता एवं फिल्म स्टार शामिल हैं।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी की नवंबर 2015 में दिल के दौरे के कारण मौत हो गयी थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2017 में 49 साल की उम्र में मध्य प्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी शर्मा के साथ दूसरी शादी की थी। भय्यू महाराज के स्थानीय आश्रम में उनके नजदीक रहे लोगों का दावा है कि आध्यात्मिक संत की पहली पत्नी की युवा बेटी कुहू और उनकी दूसरी बीवी आयुषी के बीच जरा भी नहीं बनती थी। इन लोगों की मानें, तो कुहू और आयुषी के बीच विवाद के कारण कई बार अप्रिय स्थिति भी बनी जिससे भय्यू महाराज जाहिर तौर पर तनाव में रहते थे।

पुलिस ने भय्यू महाराज के घर से छोटी-सी डायरी के पन्ने पर लिखा सुसाइड नोट बरामद किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि​ वह भारी तनाव से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पूर्व मध्यप्रदेश सरकार ने पांच धार्मिक नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था जिसमें भय्यूजी महाराज भी शामिल थे। सरकार के इस कदम के बाद विवाद खड़ा हो गया था। विवाद के बाद भय्यूजी ने घोषणा की थी कि वह राज्यमंत्री दर्जे का कोई लाभ नहीं लेंगे।

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